लगातार पांचवें दिन धराशायी शेयर बाजार, करोड़ों का नुकसान, इन 5 कारणों से नहीं थम रही गिरावट


Stock Market Falls: शेयर बाजार में पिछले चार दिनों से चली आ रही गिरावट के बाद पांचवें दिन गुरुवार को भी इस पर ब्रेक नहीं लग पाया. हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन की शुरुआत में गिरावट के साथ हुई. हालांकि, कुछ देर बाद रिकवरी कर बाजार सेंसेक्स करीब 100 अंक ऊपर चढ़ा और निफ्टी भी 25100 पर कारोबार कर रहा था.

लेकिन फिर दोपहर करीब एक बजे बीएसई पर 30 अंकों वाले सेंसेक्स में 254 अंक तक की टूट देखी गई जबकि एनएसई पर निफ्टी 50 भी 25000 के आसपास आ गया.

एक दिन पहले भी बुधवार को सेंसेक्स 386 अंक लुढ़ककर 81,716 पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी भी 113 अंक गिरकर 25057 पर बंद हुआ. अगर नुकसान की बात करें तो अब तक निवेशकों का काफी पैसा डूब चुका है. बीएसई का 18 सितंबर को मार्केट कैप 4,65,73,486.22 करोड़ था. लेकिन यह घटकर 24 सितंबर को 4,60,56,946.88 करोड़ रुपये पर आ गया. यानी निवेशकों के पिछले चार दिनों में ही 5,16,539.34 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.

गिरावट के प्रमुख कारण

1. मुनाफावसूली

भारतीय बाजार में अमेरिका हाई टैरिफ के चलते एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है तो वहीं एच1बी वीजा की बढ़ी फीस ने निवेशकों के मन में संशय पैदा किया है. अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये में भी जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है. यही वजह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से पैसे निकालकर मुनाफा वसूल कर रहे हैं. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,551.19 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे. इसकी वजह से भी भारतीय शेयर बाजार में भारी दबाव देखा जा रहा है.

2. निफ्टी का बुरा हाल

एनएसई पर निफ्टी 50 में पिछले करीब एक साल के दौरान तीन प्रतिशत से भी ज्यादा की गिरावट आई है. हालांकि बीच-बीच में बढ़त जरूर देखी जा रही है, लेकिन निवेशकों का भरोसा पूरी तरह से हिला हुआ है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार में इस समय निवेशक अतिरिक्त पैसे लगान से बच रहे हैं और सतर्कता की स्थिति में हैं.

3. एच1बी वीजा फीस बढ़ोतरी का असर

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद की मानें तो GST रिफॉर्म के बाद भारतीय घरेलू बाजारों में जमकर मुनाफावसूली देखी गई है. निवेशक मूल्यांकन और दूसरी तिमाही की आय अपेक्षाओं को पुनः निर्धारित कर रहे हैं. इसके अलावा, एच1बी शुल्क वृद्धि के कारण IT स्टॉक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा जबकि जारी व्यापार वार्ताओं के बीच अमेरिकी व्यापार संबंधी बयान और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं.

4. निचले स्तर पर रुपया

भारतीय रुपये में हाल के समय में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिल रही है. डॉलर की तुलना में रुपया करीब 89 के स्तर को जल्द छूने जा रहा है और यह 88.75 तक पहुंच चुका है. चालू वित्त वर्ष के दौरान भारतीय करेंसी में अमेरिकी डॉलर की तुलना में करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है. ऐसे में दम तोड़ रहे रुपये का भी सीधा असर शेयर बाजार पर दिख रहा है.

5. क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल में तेजी देखी जा रही है. इसकी बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में तनाव को माना जा रहा है. ब्रेंट क्रूड फिर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुका है जबकि कुछ हफ्ते पहले ही इसके दाम 66 डॉलर प्रति बैरल के भी नीचे थे.

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डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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