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Bamboo And Wood Craftsmanship: बीते कुछ सालों से फर्नीचर में लकड़ी और बांस की जगह प्लास्टिक ने ली है, लेकिन अब बालाघाट जिले के एक शख्स ने बांस से स्टूल और खटिया बनाकर बेचने का काम फिर से शुरू किया है. इससे पुरानी लकड़ी की कारीगरी लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है.
क्यों खास है व्यवसाय?
बांस की लकड़ियों से स्टूल और खटिया बनाने वाले शिल्पकार के मुताबिक, यह व्यवसाय पूरी तरह से प्रकृति से निर्भर रहते हैं. इसके लिए वह खास तौर से राजस्थान के भरतपुर जिले से इसका कच्चा माल लेकर आते हैं. अब नए-नए कैफे में इसकी डिमांड है. ऐसे में उन्हें लगातार अच्छे ऑर्डर मिलते हैं. वह दूसरी बार बालाघाट जिले में आए हैं. उन्होंने बताया कि बालाघाट में इसे काफी पसंद किया जा रहा है और यहां के लोकल लोग भी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.
सोनू ने बताया कि उनके पिता भी यही काम करते हैं. यह उनका खानदानी व्यवसाय है और उसने 14 साल की उम्र में यह काम सीख लिया है. वह मूल तौर पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के एक गांव से आते हैं. उनका पूरा गांव यह काम करता है. ऐसे में देश भर में अलग-अलग जाकर ये काम करते हैं. वहीं, युवाओं में भी इस काम की दिलचस्पी से करते हैं. उनके गांव के लोग जबलपुर, भोपाल, नागपुर समेत देश के कई शहरों में काम करते हैं.
अब ऑनलाइन भी बिकने लगे
शिल्पकार ने लोकल18 को बताया कि अब ये अब हमारे प्रोडक्ट इतने पसंद किए जा रहे हैं कि ऑफलाइन से ज्यादा डिमांड ऑनलाइन से मिल रही है. ऐसे में हमारे कला को नई पहचान मिल रही है. वहीं, इससे पहले इसकी कम बिक्री हुआ करती थी.
कैफे में बढ़ी डिमांड
बांस से बने स्टूल जेंजी जनरेशन को खुब भा रही हैं. उन स्टूल का लूक युवाओं को पसंद आ रहा है. ऐसे में चाय के कैफे सहित नए-नए रेस्टारेंट में इनकी डिमांड भी बढ़ रही है. ऐसे में शिल्पकार हर हफ्ते कई स्टूल बेंच देते हैं.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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