शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के; H-1B वीजा की फीस बढ़ने से IT स्टॉक पस्त

Share Market Updates: आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले. सुबह 9.26 बजे तक सेंसेक्स 189 अंक या 0.23 परसेंट की गिरावट के साथ 82,772 पर और निफ्टी 40 अंक या 0.16 परसेंट की गिरावट के साथ 25,286 पर कारोबार करता नजर आया. आज सुबह कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी क्रमशः 0.40 परसेंट और 0.33 परसेंट की गिरावट के साथ खुले थे, लेकिन बाद में गिरावट कम होती गई. 

इन आईटी कंपनियों के शेयर लुढ़के

इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के HB-1 वीजा की फीस बढ़ाने से आज शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, विप्रो, HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा और कोफोर्ज जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर सुबह के कारोबार में गिर गए. हालांकि, अमेरिकी सरकार के इस फैसले से आईटी कंपनियों को कुछ हद तक राहत भी मिली है कि यह फीस सिर्फ नए आवेदकों पर लागू होगी और मौजूदा वीजा होल्डर्स को यह फीस नहीं देनी होगी. यानी कि जो लोग पहले से HB-1 वीजा होल्डर हैं और फिलहाल अमेरिका से बाहर हैं, उन्हें अमेरिका वापस लौटने के लिए 100,000 डॉलर नहीं देना होगा. 

व्हाइट हाउस ने यह भी कहा है कि H-1B वीजा पर सालाना तौर पर नहीं, बल्कि नए आवेदन पर सिर्फ एक बार ही देनी होगी. यानी कि यह नए पिटीशन पर लागू होने वाली वन टाइम फीस है. नया आदेश केवल लॉटरी साइकिल (मार्च-अप्रैल 2026) तक नए आवेदनों पर लागू होगा. वीजा रेन्यूअल या मौजूदा धारकों को इस फीस का भुगतान नहीं करना होगा. 

इन सेक्टर्स का भी हाल बेहाल 

इधर, कारोबार के दौरान ब्रॉडकैप इंडेक्स निफ्टी मिडकैप 100 में 0.05 परसेंट और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.12 परसेंट की गिरावट आई. टेक महिंद्रा, टीसीएस, टाटा मोटर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और डॉ रेड्डीज लैब्स के शेयर लुढ़क गए. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें, तो सबसे अधिक गिरावट निफ्टी आईटी में 2.68 परसेंट की रही. इसके बाद निफ्टी फार्मा (0.45 परसेंट की गिरावट) और निफ्टी हेल्थकेयर (0.33 परसेंट की गिरावट) ने भी इंडेक्स पर दबाव डाला. बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. 

ग्लोबल मार्केट में तेजी 

APEC समिट से पहले ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच फोन पर हुई दो घंटे की बातचीत के बाद एशियाई बाजारों ने रफ्तार पकड़ी. इसके अलावा, बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी ETF होल्डिंग्स कम करने की योजना की घोषणा के बाद जापान के निक्केई में 1.4 परसेंट की बढ़त दर्ज की गई, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.9 परसेंट का उछाल आया. उधर, फेडरल रिजर्व द्वारा साल के आखिर तक ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीद के चलते, वॉल स्ट्रीट पर शुक्रवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए. S&P 500 में 0.49 परसेंट और नैस्डैक में 0.72 परसेंट की बढ़त दर्ज की गई.

 

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