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Backyard Poultry Farming Business Idea: यदि आपके पास खाली जमीन है, तो आप वहां मुर्गीपालन शुरू कर सकते हैं. जानकार बताते हैं कि बैकयार्ड में पाली जाने वाली मुर्गे–मुर्गियों पर अनाज का खर्चा ज्यादा नहीं पड़ता है. कम समय में ज्यादा वजनी हो जाती हैं.
खत्म हो जाती है दाने की चिंता
बता दें कि बैकयार्ड में पाली जाने वाली मुर्गे–मुर्गियों पर अनाज का खर्चा ज्यादा नहीं पड़ता है. दरअसल, खुले में पालन करने पर आहार की मात्रा आधी हो जाती है, क्योंकि ये बाहर चरते हैं. ये फसल अवशेष को आहार के रूप में खाते हैं साथ ही फसल पर लगने वाले कीटों का भी भक्षण करते हैं. इस तरह से इन्हें पोषक तत्व तो मिलता ही है, साथ ही ये फसल को नुकसान से भी बचाते हैं. हालांकि, यदि इन्हें दाना देना भी पड़े तो एक मुर्गी को प्रतिदिन सिर्फ 45-50 ग्राम तक ही दाने की आवश्यकता पड़ती है.
बेहद जल्द तैयार हो जाते हैं कुक्कुट
बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग में मुर्गे–मुर्गियों को तैयार होने में ज्यादा समय नहीं लगता है. जहां देसी मुर्गियां सिर्फ 7 से 8 महीने में तैयार हो जाती हैं, तो वहीं, विशेष नस्ल वाली मुर्गियां सिर्फ 4-5 महीनों के अंदर एक से डेढ़ किलो तक की हो जाती हैं. यदि किसान कड़कनाथ ब्रीड का पालन करते हैं, तो मुर्गे 700 से 1000 रुपए प्रति किलो तक आसानी से बिक जाते हैं. ऐसे में यदि आप अच्छी खासी संख्या में मुर्गे–मुर्गियों का पालन करते हैं, तो ये हर साल आपको बेहद अच्छा मुनाफा दे सकती हैं. इसके अलावा आप इनके मांस को बाजार में बेचकर भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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