कोरोना के कारण लाखों लोगों के हार्ट पर मंडरा रहा खतरा, सही से एहतियात नहीं बरते तो मुश्किलें होगी खौफनाक

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Corona Heart at Risk: कोरोना करीब-करीब चला गया लेकिन इसकी टीस अब भी बरकरार है. एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कोरोना के कारण लाखों लोगों के हार्ट पर खतरा मंडरा रहा है.

कोरोना के कारण लाखों लोगों के हार्ट पर मंडरा रहा खतरा, सही से एहतियात नहीं
Covid-19 Put your heart at Risk: करीब 5 साल पहले कोरोना आया था लेकिन आज भी इसका खौफ बरकरार है. इसकी टीस इतनी बड़ी है कि आज भी लॉन्ग कोविड से पीड़ित लाखों लोगों के हार्ट पर खतरा मंडरा रहा है. यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट में इन खतरों पर आगाह किया गया है कि और कहा गया है कि हार्ट पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए तत्काल एक गाइलाइंस बनाई जाए जिससे रिस्क वाले लोगों में खतरों को कम किया जा सके. दरअसल, कई पूर्व के अध्ययनों में भी दावा किया गया है कि जिन लोगों को खतरनाक तरह से कोरोना ने ग्रसित किया था या जिन लोगों को लॉन्ग कोविड का सामना करना पड़ा था उनमें हार्ट डिजीज का खतरा है. अब इस बड़े अध्ययन में कहा गया है कि इन लक्षणों को कम करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है.

कोविड वाले मरीजों को दिल का खतरा

टीओआई की खबर के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के एक नए अध्ययन में बताया गया है कि कोविड और लॉन्ग कोविड से जूझ रहे लाखों लोग दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं. अध्ययन के मुताबिक कोविड संक्रमण के बाद हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए सही समय पर जांच,सही उपचार और कार्डियक रिहैबिलिटेशन बेहद जरूरी है. कोविड वायरस का असर न केवल फेफड़ों पर होता है बल्कि यह दिल और ब्लड वैसल्स को भी नुकसान पहुंचाता है. कोविड इंफेक्शन के दौरान और बाद में सांस फूलना, सीने में दर्द, दिल की धड़कन का अनियमित होना और थकान जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. खासकर उन लोगों को खतरा ज्यादा होता है जिन्हें पहले से दिल की बीमारी हो. कोविड से रक्त में थक्के जमने का खतरा भी बढ़ जाता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है.

लॉन्ग कोविड के लक्षण

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन लोगों को लॉन्ग कोविड है उनमें दिल से संबंधित कई तरह की जटिलताएं हो सकती हैं. इसमें कार्डियक लॉन्ग कोविड प्रमुख है. इसमें सीने में दर्द, सांस लेने में मुश्किलें,दिल की अनियमित धड़कन,थकान और चक्कर जैसे लक्षण दिखते हैं. इसके अलावा, ऑटोनॉमिक डिसफंक्शन की समस्या भी हो सकती है, जिसमें शरीर की नसें जो दिल की धड़कन, सांस और तापमान को कंट्रोल करती हैं, ठीक से काम नहीं करतीं.

हार्ट मरीजों क कैसे बचाया जाए

शोधकर्ताओं ने कोविड से होने वाले दिल की बीमारियों से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए हैं. इसमें कहा गया है कि सबसे जरूरी है कि वैक्सीनेशन जारी रखा जाए क्योंकि पूरी तरह वैक्सीन लगवाने वालों में गंभीर दिल की समस्याओं का खतरा काफी कम होता है. इसके अलावा संदिग्ध रोगियों की समय पर पहचान और उचित इलाज जरूरी है. इसके लिए एक कार्डियक रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम बनाया जाए जो दिल की सेहत सुधारने के लिए बनाया गया हो. इससे मरीजों की रिकवरी में मदद मिलती है. इस रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में विशेष फिजियोथेरेपी और देखभाल शामिल होती है, जो दिल के अंगों को मजबूत बनाती है. शोध में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सभी को इस जरूरी सेवा तक समान पहुंच मिलनी चाहिए ताकि वे अपने दिल की देखभाल सही तरीके से कर सकें. शोधकर्ताओं का मानना है कि बेहतर देखभाल, समय पर इलाज और संक्रमण के बाद की देखभाल पर ध्यान देने से कोविड से जुड़ी दिल की बीमारियों को कम किया जा सकता है.

LAKSHMI NARAYAN

Excelled with colors in media industry, enriched more than 18 years of professional experience. L. Narayan contributed to all genres viz print, television and digital media. He professed his contribution in the…और पढ़ें

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