कुत्ते के काटने से ही नहीं…चाटने से भी हो सकता है रेबीज, क्या बोले डॉक्टर?

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Dog Bite Cases in Khargone: डॉ खेमेंद्र रोडके ने लोकल 18 से कहा कि पालतू कुत्तों का समय-समय पर टीकाकरण बहुत जरूरी है. बच्चों को यह समझाना चाहिए कि वे आवारा कुत्तों के पास न जाएं और उन्हें देखकर भागे नहीं. मुमकिन हो तो बच्चों को अकेला न छोड़ें.

खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में इन दिनों कुत्तों के हमले के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर हमले की घटनाएं ज्यादा सामने आ रही हैं. प्रशासन ने कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण का अभियान शुरू किया है. वहीं डॉक्टरों ने एक हैरान करने वाली बात बताई है. उनका कहना है कि कुत्तों के काटने से ही नहीं बल्कि चाटने से भी रेबीज फैल सकता है. लोग अक्सर इस खतरे को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकता है.

गौरतलब है कि खरगोन शहर सहित गांवों में डॉग बाइट के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. आए दिन बच्चे और बुजुर्ग कुत्तों के शिकार हो रहे हैं. कई मामलों में लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा जबकि कुछ बच्चों की जान तक चली गई. स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जगह-जगह से आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है. इसके साथ ही उनका टीकाकरण भी कराया जा रहा है.

इसलिए फैलता है रेबीज
खरगोन के पशु चिकित्सक डॉ खेमेंद्र रोकने ने लोकल 18 को बताया कि रेबीज केवल कुत्ते के काटने से नहीं फैलता बल्कि उसकी लार से भी यह खतरा हो सकता है. अगर कुत्ता किसी खुले घाव, खरोंच या चेहरे पर चाट देता है, तो भी वायरस शरीर में जा सकता है. खासकर बच्चों को अक्सर यह खतरा ज्यादा होता है क्योंकि वे खेल-खेल में कुत्तों के करीब आ जाते हैं. कई लोग इसे मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं लेकिन यही लापरवाही खतरनाक साबित होती है.

कुत्ता काट ले, तो क्या करें?
डॉक्टर का कहना है कि यदि किसी को कुत्ता काट ले या चाट ले, तो तुरंत सावधानी बरतना जरूरी है. सबसे पहले उस जगह को 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोना चाहिए. उसके बाद बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए. वहां डॉक्टर घाव देखकर तय करते हैं कि वैक्सीन या इम्यूनोग्लोब्युलिन की जरूरत है या नहीं. समय पर इलाज मिलने से मरीज पूरी तरह सुरक्षित रह सकता है.

बच्चों को अकेला नहीं जानें दें
डॉ खेमेंद्र रोडके ने कहा कि पालतू कुत्तों का समय-समय पर टीकाकरण करना बहुत जरूरी है. साथ ही बच्चों को यह समझाना चाहिए कि वे आवारा कुत्तों के करीब न जाएं. उन्हें देखकर भागे नहीं. संभव हो तो बच्चों को अकेला नहीं छोड़ें. अगर गलती से कुत्ता काट ले या चाट ले, तो तुरंत प्राथमिक इलाज और अस्पताल जाना ही सबसे बड़ा बचाव है. लापरवाही बरतने पर बीमारी जानलेवा हो सकती है.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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