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Afghanistan Wifi Internt: अफगानिस्तान ले बाल्ख राज्य में तालिबान की ओर से एक बड़ा फैसला लिया गया है. तालिबान ने फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट पर पूरी तरह बैन लगा दिया है. कोई भी ब्रॉडबैंड कनेक्शन अब यहां नहीं चलेगा.

प्रांतीय प्रवक्ता हाजी अताउल्लाह जईद ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य ‘अनैतिक गतिविधियों’ को रोकना है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरतों के लिए देश के भीतर एक वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी. हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि सिर्फ बाल्ख को ही क्यों चुना गया और क्या आगे यह पाबंदी पूरे देश में लागू होगी. तालिबान पहले भी धार्मिक त्योहारों के दौरान सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मोबाइल नेटवर्क बंद करता रहा है, ताकि आतंकी रिमोट से बम विस्फोट न कर सकें. लेकिन इस बार का ब्रॉडबैंड बैन तालिबान की सूचना प्रवाह पर पकड़ और सख्ती को और गहरा दिखाता है.
इन चीजों पर भी लगाया बैन
इस फैसले का असर आम अफगान नागरिकों से लेकर कारोबार तक पर पड़ा है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संपर्क ठप हो गए हैं. छात्रों और युवाओं के लिए यह झटका और बड़ा है, क्योंकि शिक्षा और नौकरी के अवसरों तक पहुंच में इंटरनेट अहम कड़ी रहा है. तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से अफगानिस्तान में नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगातार अंकुश बढ़ता गया है. हाल के वर्षों में तालिबान ने शतरंज, वीडियो गेम्स, विदेशी फिल्में और संगीत पर पाबंदियां लगाई हैं. महिलाओं को स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाई से रोका गया है, पार्कों और खेलों से दूर रखा गया है. यहां तक कि महिला सलून तक बंद करा दिए गए. मीडिया को जीवित प्राणियों की तस्वीरें छापने से मना किया गया और गर्भनिरोधक बेचने पर रोक लगा दी गई.
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने… और पढ़ें
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