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Use Of Punarnava Plant In Ayurveda : बरसात के मौसम में अक्सर उगने वाला पुनर्नवा का पौधा दिखने में तो साधारण खरपतवार लगता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे अमृत समान माना गया है. इसकी पत्तियां और जड़ें शुगर, हेपेटाइटिस, पीलिया और किडनी रोगों की अचूक दवा हैं. आइए जानते हैं कैसे करें इसका इस्तेमाल.
पुनर्नवा का पौधा आमतौर पर यह जड़ी-बूटी के रूप में पाया जाता है लेकिन अब इसके टेबलेट भी उपलब्ध पुनर्नवा के पौधे में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें मुख्य रूप से आयरन, कैल्शियम, सोडियम, पोटेशियम और विटामिन C जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाने, खून की कमी दूर करने, हड्डियों को स्वस्थ रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं. यही कारण है कि पुनर्नवा को सूजन, किडनी और लीवर रोग, मधुमेह, हृदय संबंधी समस्या और त्वचा रोगों में लाभकारी माना जाता है.
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल बताते हैं कि यह छोटा-सा पौधा पुनर्नवा दिखने में साधारण खरपतवार जैसा लगता है, लेकिन इसकी पत्तियां और जड़ें कई गंभीर बीमारियों की दवा साबित होती हैं. बरसात में अक्सर लोग इसे बेकार समझकर उखाड़ फेंक देते हैं, जबकि यही पौधा शरीर को नई ऊर्जा और मजबूती देने का काम करता है. आयुर्वेद में पुनर्नवा को ऑटो इम्यून डिजीज का बड़ा दुश्मन कहा गया है. बदलती जीवनशैली और तनाव के दौर में इसका नियमित सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है.
ऐसे करें इस्तेमाल
डॉ. इकबाल ने बताया कि यह पौधा खासतौर पर किडनी और लीवर के लिए बेहद लाभकारी है. पेशाब में जलन, रुकावट, सूजन या पथरी जैसी दिक्कतों में पुनर्नवा का काढ़ा असरदार माना जाता है. हेपेटाइटिस और पीलिया जैसी बीमारियों में भी यह कारगर साबित होता है. ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे मरीज अगर इसका चूर्ण या सिरप लें, तो उन्हें धीरे-धीरे फायदा महसूस होने लगता है. पुनर्नवा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में सहायक हो सकता है. इसकी जड़ों और पत्तों से तैयार काढ़ा लंबे समय से कई रोगियों पर सकारात्मक असर दिखा चुका है. पुनर्नवा का उपयोग कई रूपों में किया जा सकता है जैसे पत्तों का रस, सब्जी, चूर्ण, सिरप या टैबलेट. हालांकि, इसे सही मात्रा और सही तरीके से लेने के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है.
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें
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