महंगे रसायन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
हर साल की तरह अक्टूबर-नवंबर में चावल की कटाई खत्म हो जाती है और नया चावल मार्केट में आ जाता है. इसलिए किसान चावल को ड्रमों में भरकर रखते हैं. लेकिन, कभी-कभी नमी के कारण छोटे-छोटे कीड़े चावल और गेहूं को खराब कर देते हैं. खासकर, चावल के डिब्बों, ड्रमों या गमलों में काले कीड़े भर जाते हैं यह समस्या किसानों के साथ साथ गृहणियों के लिए बहुत परेशानी का कारण बनती है. कई लोग इन कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए महंगे रसायनों का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, ये रसायन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं.
घरेलू चीजों रहेंगी फायदेमंद
विशेषज्ञ भावेश पटेल के अनुसार, इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको कोई खास रसायन खरीदने की जरूरत नहीं है. बल्कि, कुछ सामान्य घरेलू चीजें कमाल कर सकती हैं. इस आसान घरेलू नुस्खे से आप चावल के कीड़ों को हमेशा के लिए अलविदा कह सकते हैं. यह तरीका बेहद आसान, प्राकृतिक, सुरक्षित और सबसे जरूरी बेहद लाभदायक है. इसके लिए आप अपनी किचन में मौजूद कुछ मसालों और आम सामग्रियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके इस्तेमाल के बाद चावलों में लगे कीड़ों से आपको मुक्ति मिल सकती है.
मसाला पोटली बनाने के लिए आपको चाहिए – हल्दी पाउडर, इलायची, लौंग, दालचीनी, पतला सूती कपड़ा, धागा या रबर बैंड.
मसाला पोटली बनाने की विधि
सबसे पहले एक पतला सूती कपड़ा लें, उसे साफ करके सुखा लें. फिर उसे दो-तीन परतों में मोड़कर उसमें थोड़ी सी हल्दी, 2-3 इलायची, 4-5 लौंग और दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा रख दें. कपड़े को कसकर मोड़कर एक छोटी सी पोटली बना लें. पोटली को धागे या रबर बैंड से कसकर बांध दें. ध्यान रहे कि मसाले बाहर ना निकलें. अब इस बंडल को उस डिब्बे या ड्रम में रख दें, जहां आप चावल रखना चाहते हैं. अगर चावल ज्यादा मात्रा में है, तो आप दो या तीन बंडल बना सकते हैं. ध्यान रखें कि पोटली ज्यादा टाइट ना हो, पोटली से मसालों की खुशबू आसानी से बाहर आनी चाहिए.
सालों तक चावल रहते हैं सुरक्षित
हल्दी में प्राकृतिक जीवाणुरोधी और कवकरोधी गुण होते हैं, यह कीड़ों को दूर भगाती है. इलायची, लौंग और दालचीनी जैसे मसाले अपनी तेज गंध के लिए जाने जाते हैं. कीड़े इस गंध को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकते. जब इस पोटली को चावल में रखा जाता है, तो यह न केवल कीड़ों को दूर रखती है, बल्कि चावल लंबे समय तक सुरक्षित भी रहते हैं. चावल के डिब्बे में रखी पोटली की नियमित जांच करते रहें. जरूरत पड़ने पर यानी 6-7 महीनों बाद पोटली के अंदर के मसाले बदल दें लेकिन ध्यान रखें कि पुरानी पोटली गीली ना हो.
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