निस्तार की कहानी
निस्तार क्लास प्रोजेक्ट के तहत कुल 2 डाइविंग सपोर्ट वेसल तैयार किए जाने है. भारत की हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के साथ नौसेना ने साल 2018 में डील साइन की थी.
– डील साइन होने के 36 महीने के भीतर इन दोनों वेसल को नौसेना को सौंपना था.
– मई 2024 में इस शिप को समुद्री ट्रायल के लिए उतारा गया था.
– यह शिप 120 मीटर लंबा है और इसका वजन लगभग 10,000 टन है.
– यह जहाज 80% मेड इन इंडिया है.
– इस वेसल के जरिए डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल (DSRV) को ले जाया जाता है.
– 8 जुलाई को पहला डाइविंग सपोर्ट वेसल निस्तार नौसेना को सौंपा गया. दूसरा स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल निपुण जल्द ही शामिल होगा.
इससे डीप वॉटर ऑपरेशन में भारतीय नौसेना की ताकत को जबरदस्त तरीके से इजाफा हुआ है. अब अगर इन दोनों वेसल की जरूरत पर नजर डालें तो कभी समुद्र में सबमरीन में किसी भी तरह की कोई दिक्कत होती है या वह डूब जाती है और ऐसी स्थिति में उस सबमरीन में फंसे नौसेनिकों के रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया जाना होता है, उस वक्त ये वेसल काम आएगी. इन वेसल के जरिए डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल (DSRV) को ले जाया जाएगा और उन्हें गहरे समुद्र में गोता लगाकर सबमरीन से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया जाएगा. चूंकि इस वेसल पर हेलिकॉप्टर ऑपरेशन को भी अंजाम दिया जाएगा ताकि रेस्क्यू किए गए लोगों को बेहतर चिकित्सा के लिए किनारे तक लाया जा सके. फिलहाल अभी ऐसे किसी भी ऑपरेशन के लिए ओएनजीसी से मदद ली जाती है. इनके नौसेना में शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना की डीप वाटर ऑपरेशन क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा.
हिंद महासागर क्षेत्र में सिर्फ भारत के पास है DSRV
दुनिया भर में लगभग 13 से 15 देशों की नौसेनाओं के पास डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल (DSRV) और डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) की क्षमता मौजूद है. पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत ही इकलौता देश है जिसके पास डाइविंग सपोर्ट वेसल और DSRV मौजूद है. भारत के अलावा अमेरिका, रूस, चीन, सिंगापुर, यूके, फ्रांस, नॉर्वे, इटली, स्वीडन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और स्पेन के पास यह क्षमता है.
4 साल बाद फिर पहुंचेगा भारतीय DSRV
साल 2021 में इंडोनेशिया नेवी की सबमरीन हादसे के दौरान DSRV रेस्क्यू के लिए भेजी गई थी. इंडोनेशियन नेवी की पनडुब्बी KRI Nanggala (402) बाली सागर में एक टॉरपीडो ड्रिल के दौरान लापता हो गई थी. इस पनडुब्बी पर 53 क्रू मेंबर्स सवार थे. इस हादसे में सभी क्रू की मौत हो गई थी. यह सबमरीन 838 मीटर की गहराई पर डूब गई थी. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सिंगापुर और भारतीय नौसेना ने अपनी DSRV को भेजा था.
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