क्या आने वाला है कोई बड़ा खतरा या महामारी? हेल्थ मिनिस्ट्री ने राज्यों को क्यों किया अलर्ट?

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भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से सभी राज्‍यों के मुख्‍यमंत्र‍ियों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है, साथ ही 20 दिन में एक्‍शन प्‍लान तैयार करने के लिए कहा है. आइए जानते हैं आखि‍र क्‍या है वजह?

क्या आने वाला है कोई बड़ा खतरा या महामारी? हेल्थ मिनिस्ट्री ने किया अलर्टडेंगू और मलेर‍िया बढ़ने की संभावना पर हेल्‍थ म‍ि‍निस्‍ट्री ने राज्‍यों को अलर्ट जारी किया है.
Alert for Dengue and Malaria in India: देश में पहले से ही भारी बारिश के चलते कई राज्यों में बाढ़ आई हुई है. इस आपदा से निपटने के लिए केंद सरकार के अलावा राज्य सरकारें भी जुटी हुई हैं. हालांकि अब एक बार फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एडवाइजरी जारी की गई है और उन्हें निजी स्तर पर भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या फिर कोई बड़ा खतरा आने वाला है या कोरोना जैसी कोई महामारी पैर पसार रही है? आइए जानते हैं.

गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एडवाइजरी जारी कर आने वाले महीनों में सतर्क रहने के लिए कहा गया है. इस दौरान सभी राज्यों में डेंगू और मलेरिया के प्रति बचाव के तरीके अपनाने और सामुदायिक स्तर पर जागरुकता बढ़ाने की सलाह दी गई है. 11 सितंबर को हेल्थ मिनिस्टर जेपी नड्डा के द्वारा की गई देश में डेंगू-मलेरिया के मामलों की रिव्यू मीटिंग के बाद यह आदेश जारी किया गया है.

बता दें कि सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से स्थिति का मुआयना निजी रूप से करने के लिए कहा गया है साथ ही 20 दिनों में एक्शन प्लान तैयार करने के लिए कहा है. स्थानीय निकायों, नगर निगमों और नगर पंचायतों को आम लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए कहा गया है. इतना ही नहीं सभी केंद्र सरकार के अधीन आने वाले सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, जांच की सुविधाएं, बेड और मच्छर रहित परिवेश तैयार करने के आदेश जारी किए गए हैं.

खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर में डेंगू और मलेरिया की स्थिति को संभालने के लिए हाई लेवल मीटिंग भी की गई है. ताकि आने वाले समय में इन बीमारियों के कहर को रोका जा सके.

बता दें कि हाल ही में बारिश के मौसम में पानी के जमाव के चलते मच्छर पैदा हो रहे हैं. ये मच्छर हर साल डेंगू, मलेरिया, चिकुनगनिया जैसी वैक्टर बॉर्न डिजीज फैलाने का काम करते हैं. हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मलेरिया को कंट्रोल करने में भारत ने काफी तरक्की है. साल 2015 से 2024 के बीच में देश में मलेरिया के मामलों में 78 फीसदी की कमी देखी गई है, इतना ही नहीं मलेरिया से होने वाली मौतों में भी इतना ही अंतर आया है. वहीं 2022 से लेकर 2024 के बीच में देश के 160 जिलों में एक भी मलेरिया का मरीज नहीं मिला था. जबकि 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक से भी कम मामले देखे गए. भारत ने 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाने का मिशन तय किया है.

priya gautamSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें

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