जेनरेशन जेड या जेन Z वो पीढ़ी है, जो आमतौर पर युवा है. वो अपने आसपास की चीजों को बदलना चाहती है. अगर क्षमता की बात करें तो उन्हें डिजिटल एक्सपर्ट जेनरेशन माना जाता है. कई विश्वसनीय स्रोतों और ग्लोबल साइट्स के जरिए हमने इस पीढ़ी के बारे में जानना चाहा. कौन सी बातें उन्हें खुश करती हैं. कौन बातें प्रभावित. कौन सी बातें उनकी जिंदगी के लिए ज्यादा अहम हैं. किस देश के ये युवा खुश लगते हैं और कहां वो असंतोष की लहर पर सवार हो रहे हैं.
– जेन Z वे युवा लोग हैं जिनका जन्म लगभग 1997 से 2012 के बीच हुआ. ये डिजिटल युग में पले-बढ़े हैं, जिनकी सोच, आदतें और प्राथमिकताएं पिछली पीढ़ियों से काफी अलग हैं. इनके लिए इंटरनेट, सोशल मीडिया, ग्लोबल कनेक्टिविटी और फास्ट ट्रेंड्स रोजमर्रा की बातें हैं. इनकी खुशी, क्रिएटिविटी और निराशा पर कई फैक्टर्स असर डालते हैं-
– शिक्षा और रोजगार के अवसर
– सामाजिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता
– मानसिक स्वास्थ्य और वर्क-लाइफ बैलेंस
– आर्थिक स्थिरता और सरकारी नीतियां
– डिजिटल एक्सेस और टेक्नोलॉजी से जुड़ाव
– राजनीतिक स्थिरता और सुरक्षा
सवाल – दुनिया में कहां के जेन Z सबसे ज्यादा खुश माने जाते हैं और उसकी वजह क्या है?
1. डेनमार्क, स्वीडन, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड.
इसकी वजह इन स्कैंडिनेवियाई देशों की मजबूत शिक्षा व्यवस्था है. छात्रों को फ्री या कम फीस में क्वालिटी एजुकेशन मिलती है. सोशल वेलफेयर सिस्टम बहुत बढ़िया है. हेल्थ सर्विसेज मुफ्त या बेहद सस्ती हैं. मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा होती है. काम और निजी जीवन में संतुलन के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस का कल्चर है. समलैंगिक अधिकार, लैंगिक समानता और डायवर्सिटी को लेकर समाज सहिष्णु है.
2. कनाडा और ऑस्ट्रेलिया
यहां का खुला माहौल इनकी खुशी की वजह है. साथ में पर्यावरण को लेकर सजगता और सामाजिक सहिष्णुता. इन दोनों देशों में कल्चरल डायवर्सिटी है, जिसकी तारीफ होती है.यहां पर युवा आजादी के साथ अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं.
कनाडा की Youth Wellbeing Index रिपोर्ट बताती है कि यहां के युवा अपने जीवन से संतुष्ट हैं, उन्हें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक समर्थन अच्छी तरह मिल रहे हैं.
– जेन Z के हिसाब से अमेरिका को क्रिएटिव हब कहा जाता है. सिलिकॉन वैली टेक्नोलॉजी स्टार्टअप का केंद्र है. हॉलीवुड दुनिया की फिल्म इंडस्ट्री का मक्का है. न्यूयॉर्क आर्ट्स, फैशन, और मीडिया का महत्वपूर्ण केंद्र. वहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर युवा कंटेंट क्रिएटर्स की भरमार हैं.
इसमें दूसरा नंबर जर्मनी का आता है. जर्मनी डिजाइन, आर्ट, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में इनोवेशन के लिए मशहूर है. यहां लगातार स्टार्टअप की स्थापना होती है. यहां के डिज़ाइन स्कूल और यूनिवर्सिटीज़ क्रिएटिव एजुकेशन के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं.
– अमेरिका में हर साल हजारों नए यूट्यूब चैनल और ऐप्स जेन Z युवा बनाते हैं.
– जर्मनी में टेक्नोलॉजी एक्सपो और डिज़ाइन फेस्टिवल युवा क्रिएटिविटी को सपोर्ट करते हैं.
– जापान के स्कूलों में भी रोबोटिक्स और गेम डिज़ाइन को मेन कोर्स में शामिल किया गया है.
– गैलप इंडैक्स और OECD Youth Outlook Reports के अनुसार, जेन Z के लिए ये देश निराशाजनक हो रहे हैं
1. अफगानिस्तान, यमन, वेनेजुएला और हैती
– यहां राजनीतिक अस्थिरता और युद्ध के हालात रहते हैं
– आर्थिक संकट, बेरोज़गारी और गरीबी का आलम है
– खराब स्वास्थ्य सुविधाएं हैं
– शिक्षा तक पहुंच कठिनाई से संभव है
– युवा असुरक्षित महसूस करते हैं और भविष्य को लेकर आशंकित हैं
अफगानिस्तान में 80फीसदी युवा भविष्य को लेकर निराश महसूस करते हैं, क्योंकि वे खुद को असुरक्षित और बेरोज़गार पाते हैं.
– इन देशों में भी कई युवा निराश हैं, पर ये पूरी तरह से “सबसे निराश” श्रेणी में नहीं आते. उसकी वजह
– बढ़ती बेरोज़गारी
– शिक्षा का कमजोर ढांचा
– मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा
– सामाजिक दबाव और परिवार की अपेक्षाएं हैं
– साथ ही डिजिटल डिवाइड भी यानि सभी को इंटरनेट या टेक्नोलॉजी का सही उपयोग नहीं मिलता.
– नेपाल में जेन Z के विद्रोह ने पूरी दुनिया को चौंका दिया. इस आंदोलन ने ना केवल नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था को हिला दिया, बल्कि ये दिखाया कि युवा पीढ़ी अब अपने अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष करने के लिए तैयार है.
2024 में बांग्लादेश में भी जेन Z ने भ्रष्टाचार और पुलिस अत्याचार के खिलाफ आंदोलन किया. इस आंदोलन ने शेख हसीना की 15 सालों की सत्ता को खत्म कर दिया. केन्या और नाइजीरिया में भी जेन Z ने उच्च शिक्षा की महंगाई, पुलिस बर्बरता और बेरोज़गारी के खिलाफ प्रदर्शन किए.
– इन देशों में अफगानिस्तान, वेनेजुएला, यमन और पाकिस्तान का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. इन सारे देशों के हालात ऐसे हैं, जो इन युवाओं के गुस्से को बढ़ा रहे हैं. वहां युवा विद्रोह भड़क सकता है.
मुख्य स्रोत
1. OECD Better Life Index
https://www.oecdbetterlifeindex.org/
2. Gallup Global Emotions Report
https://www.gallup.com/analytics/318875/global-emotions.aspx
3. YouGov Global Happiness Survey
https://yougov.co.uk/topics/international/articles-reports/2021/03/31/world-happiness-index
4. World Happiness Report (UN)
https://worldhappiness.report/
5. Pew Research Center – Global Attitudes Survey
https://www.pewresearch.org/global/
.