Gardening Tips: मरते पौधों में जान फूंक देंगे ये 6 तरीके, फ्री में पूरे साल हरा-भरा रहेगा गार्डन, बालकनी

Gardening Tips: क्या आपके बगीचे, बालकनी में लगे पौधे सही से नहीं बढ़ रहे? उनके पत्ते पीले हो रहे हैं या फूल-फल कम हो रहे हैं? अगर आप भी पौधों को हेल्दी, हरा-भरा और फूल-फलों से लदा देखना चाहते हैं, तो आपको ज्यादा महंगे फर्टिलाइजर की जरूरत नहीं. आपकी रसोई और घर में मौजूद फ्री की चीजें आपके पौधों की सेहत के लिए वरदान बन सकती हैं. आइए जानते हैं ऐसे छह आसान और फ्री तरीके, जिनसे आप अपने पौधों की ग्रोथ बढ़ा सकते हैं….

1. नींबू-संतरे के छिलकों से बने बायोएन्जाइम से पोषण
नींबू और संतरे के छिलके फेंके नहीं, बल्कि ये पौधों के लिए बेहतरीन ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर बन सकते हैं. एक एयरटाइट कंटेनर में नींबू और संतरे के छिलके, गुड़ और पानी को एक अनुपात में (1:3:10) मिलाकर तीन महीने के लिए फर्मेंट होने के लिए छोड़ दें. इसके बाद तैयार बायोएन्जाइम को एक लीटर पानी में दो चम्मच मिलाकर पौधों में डालें. यह लिक्विड फर्टिलाइजर पौधों की जड़ें मजबूत बनाता है और उनकी ग्रोथ को बढ़ाता है. हर महीने में एक बार छिड़काव करें.

2. इस्तेमाल की हुई चायपत्तियां
अगर आप चाय पीते हैं तो इस्तेमाल की हुई चायपत्तियों को फेंकने की बजाय एकत्रित करें. चायपत्तियों में नाइट्रोजन भरपूर मात्रा में होता है, जो पौधों की पत्तियों को हरा-भरा बनाए रखता है. चायपत्तियों को अच्छी तरह धोकर सुखा लें ताकि उसमें चीनी या दूध न बचे. फिर इन्हें सीधे पौधों की मिट्टी में मिलाएं या पानी में घोलकर पौधों को दें. हर 20 दिन इस फर्टिलाइजर का उपयोग करें. यह तरीका बेहद सरल है और पौधों के लिए बहुत फायदेमंद भी.

3. किचन के गीले कचरे से बने कंपोस्ट टी 
सब्जी और फलों के छिलके, गीला किचन वेस्ट, जैसे आलू के छिलके, टमाटर की बची हुई छीलन या फल के छिलके एक बेहतरीन जैविक खाद में बदल सकते हैं. इन्हें पानी में 3-4 दिन तक भिगोकर रखें. इसके बाद छानकर तैयार कंपोस्ट टी को पौधों में डालें. यह न केवल पौधों को पोषण देता है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधारता है. हर 10-15 दिन में एक बार इसका छिड़काव करें. इससे पौधे अधिक फूल और फल देने लगेंगे.

4. उपला और हल्दी 
गोबर के उपले में सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इन्हें पानी में 1-2 दिन के लिए भिगो दें. फिर उसमें हल्दी पाउडर मिलाकर पौधों में डालें. हल्दी एक नेचुरल एंटीबायोटिक की तरह काम करती है, जो पौधों को बीमारियों से बचाती है. इस लिक्विड फर्टिलाइजर का उपयोग हर 15 दिन में एक बार करें। पौधे मजबूत और रोग-प्रतिरोधक बनते हैं.

5. केले के छिलकों से पोषक पोटैशियम
केले के छिलके न केवल विटामिन्स से भरपूर होते हैं, बल्कि इनमें पोटैशियम भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो फूल और फल विकसित करने में मदद करता है. केले के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें और धूप में सुखाकर पाउडर बना लें. इस पाउडर को हर महीने एक बार पौधों की मिट्टी में मिलाएं. चाहें तो कटे हुए छिलकों को सीधे मिट्टी में डाल सकते हैं. इससे पौधों की ग्रोथ प्राकृतिक तरीके से तेज होगी.

6. घर में पानी बचाने का तरीका
कभी-कभी पौधों को ज़्यादा पानी देने से जड़ें सड़ने लगती हैं. ऐसे में आप पुराने किचन वेस्ट और बायोएन्जाइम से पौधों की जरूरत के हिसाब से पानी की आपूर्ति कर सकते हैं. इससे पौधों को पानी की कमी भी नहीं होगी और उनकी सेहत बनी रहेगी. यह तरीका पर्यावरण के अनुकूल भी है.

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