थायरॉइड की दिक्कत हो जाए तो इन चीजों को खाना तुरंत कर दें बंद, वरना लगाना पड़ेगा डॉक्टर के चक्कर

सोया प्रोडक्ट्स: सोया और इससे बने खाद्य पदार्थ (सोया मिल्क, टोफू) थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं. इसमें मौजूद कंपाउंड आयोडीन की कमी को और बढ़ा देते हैं. इसलिए थायरॉइड मरीजों को सोया से बचना चाहिए.

ज्यादा शक्कर और मीठे फूड्स: थायरॉइड की समस्या में मीठे का ज्यादा सेवन मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है और वजन बढ़ने की समस्या को और बढ़ा देता है. इसलिए चीनी, मिठाई और जंक फूड को डाइट से बाहर रखें.

ज्यादा शक्कर और मीठे फूड्स: थायरॉइड की समस्या में मीठे का ज्यादा सेवन मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है और वजन बढ़ने की समस्या को और बढ़ा देता है. इसलिए चीनी, मिठाई और जंक फूड को डाइट से बाहर रखें.

प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड: चिप्स, नमकीन, फ्रोजन फूड और पैकेज्ड स्नैक्स में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स और सोडियम थायरॉइड को नुकसान पहुंचाते हैं. इन्हें खाने से सूजन और हार्मोनल असंतुलन और ज्यादा बढ़ सकता है.

प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड: चिप्स, नमकीन, फ्रोजन फूड और पैकेज्ड स्नैक्स में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स और सोडियम थायरॉइड को नुकसान पहुंचाते हैं. इन्हें खाने से सूजन और हार्मोनल असंतुलन और ज्यादा बढ़ सकता है.

पत्ता गोभी और ब्रोकोली: पत्ता गोभी, फूलगोभी और ब्रोकोली थायरॉइड हार्मोन को ब्लॉक कर सकती हैं. खासकर अगर इन्हें ज्यादा मात्रा में कच्चा खाया जाए तो थायरॉइड की परेशानी और बढ़ सकती है.

पत्ता गोभी और ब्रोकोली: पत्ता गोभी, फूलगोभी और ब्रोकोली थायरॉइड हार्मोन को ब्लॉक कर सकती हैं. खासकर अगर इन्हें ज्यादा मात्रा में कच्चा खाया जाए तो थायरॉइड की परेशानी और बढ़ सकती है.

ज्यादा कैफीन: चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन थायरॉइड दवाओं के असर को कम कर देता है. साथ ही, यह दिल की धड़कन और चिंता की समस्या को बढ़ा सकता है. इसलिए कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में करें.

ज्यादा कैफीन: चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन थायरॉइड दवाओं के असर को कम कर देता है. साथ ही, यह दिल की धड़कन और चिंता की समस्या को बढ़ा सकता है. इसलिए कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में करें.

ऑयली और तली हुई चीजें: थायरॉइड मरीजों को तैलीय और डीप-फ्राइड फूड से बचना चाहिए. यह फूड शरीर में वसा जमा करते हैं और हार्मोन बैलेंस को बिगाड़ते हैं. इससे वजन और बढ़ सकता है.

ऑयली और तली हुई चीजें: थायरॉइड मरीजों को तैलीय और डीप-फ्राइड फूड से बचना चाहिए. यह फूड शरीर में वसा जमा करते हैं और हार्मोन बैलेंस को बिगाड़ते हैं. इससे वजन और बढ़ सकता है.

रेड मीट और हाई-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स: रेड मीट और ज्यादा फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स (फुल क्रीम मिल्क, चीज, बटर) को डाइट से हटाना जरूरी है. इनमें मौजूद फैट थायरॉइड हार्मोन को प्रभावित करता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ाता है.

रेड मीट और हाई-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स: रेड मीट और ज्यादा फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स (फुल क्रीम मिल्क, चीज, बटर) को डाइट से हटाना जरूरी है. इनमें मौजूद फैट थायरॉइड हार्मोन को प्रभावित करता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ाता है.

Published at : 09 Sep 2025 06:38 PM (IST)


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