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ZAPAD 2025: भारत और रूस के बीच राजनयिक, सामरिक और व्यापारिक रिश्तों का एक लंबा इतिहास है. दिन-ब-दिन ये रिश्ते और मजबूत हो रहे हैं. सामरिक रिश्तों को और मजबूत करने के लिए दो बड़े सैन्य अभ्यास किए जा रहे हैं. एक …और पढ़ें
ZAPAD 2025 के लिए भारतीय सेना रवानाZAPAD 2025 में चीन और पाकिस्तान भी शामिल
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार रूस में भारत और पाकिस्तानी सेना आमने-सामने होगी. इस मल्टीनेशनल अभ्यास में कुल 20 देशों की सेना हिस्सा ले रही है, जिसमें चीन भी शामिल है. हांलाकि अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि क्या भारत और पाकिस्तान की सेना एक साथ एक ग्रुप में ही होंगे या नहीं. आमतौर पर इस तरह के अभ्यास में भाग लेने वाले देशों को अलग-अलग ग्रुप में बांटा जाता है. चीन और पाकिस्तान एक ग्रुप में होते हैं, जबकि भारत अलग ग्रुप में। इस अभ्यास का मकसद सैन्य सहयोग को बढ़ाना, इंटरऑपरेबिलिटी में सुधार करना और भाग लेने वाली सेनाओं को पारंपरिक युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों के क्षेत्रों में रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने का मंच प्रदान करना है. यह अभ्यास खुले और प्लेन इलाके में ज्वाइंट कंपनी लेवल ऑपरेशन पर फोकस होगा, जिसमें सैनिक ज्वाइंट प्लानिंग, टैक्टिकल ड्रिल और स्पेशल आर्म स्किल जैसे मिशनों को अंजाम देंगे.
अक्टूबर में रूसी सेना आएगी भारत
भारत और रूस कई साझा और मल्टीनेशनल सैन्य अभ्यास आयोजित करते हैं जैसे सैन्य अभ्यास इंद्रा, मिलन, वोस्टोक, ज़पाड, मक्स, SCO पीस मिशन और आर्मी गेम. इस साल इंद्रा अभ्यास भारत में आयोजित किया जा रहा है. राजस्थान के महाजन फील्ड एंड फायरिंग रेंज में दोनों देशों की सेनाएं अपनी-अपनी स्किल को साझा करेंगी. इस अभ्यास का मकसद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, समन्वय और इंटरऑप्रेबिलिटी को बढ़ाना है. इसकी शुरुआत साल 2003 में हुई थी. पहले यह अभ्यास नेवी के बीच शुरू हुआ था, लेकिन बाद में इसमें आर्मी और एयरफोर्स को भी शामिल किया गया. साल 2010 के बाद से यह लगातार हो रहा है. इस अभ्यास के मुख्य एजेंडे में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, समुद्री सुरक्षा, साझा रणनीति और आपदा प्रबंधन शामिल हैं. हाल के सालों में इंद्रा अभ्यास में ड्रोन, साइबर सिक्योरिटी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसे आधुनिक युद्ध के पहलुओं को भी शामिल किया गया है.
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