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Shatavari Health Benefits: शतावरी एक बहुउपयोगी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो महिलाओं के हार्मोनल संतुलन, प्रजनन स्वास्थ्य, पाचन तंत्र और मानसिक शांति के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है. यह इम्यूनिटी बढ़ाने, त्वचा-बालों की देखभाल और एसिडिटी व कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देने में भी सहायक है.
प्रकृति में ऐसे अनेकों पेड़ पौधे पाए जाते हैं जो मानव शरीर के लिए अधिक फायदेमंद होते हैं, ऐसा ही पौधा है सतावरी, यहां एक औषधीय जड़ी बूटी है. इसके उपयोग से अनेकों आयुर्वेदिक दवाइयां भी बनाई जाती है. राजस्थान के कई इलाकों में किसान इसकी खेती भी करने लगे हैं.

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. महेश शर्मा के अनुसार, सतावरी के लिए किसी अमृत औषधि से काम नहीं है. यह महिलाओं के हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और मासिक धर्म की समस्याओं में यह बहुत अधिक उपयोगी है. इसके अलावा यह पेट की जलन, एसिडिटी और अल्सर में राहत देता है.

आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार, शतावरी महिलाओं के लिए फायदेमंद है, खासकर उनके लिए जिनका मासिक धर्म अनियमित होता है. शतावरी प्रजनन स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है. इसके अलावा पाचन तंत्र ठीक रहता है, इम्यूनिटी बढ़ती है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है. इसके अलावा यह त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद. शतावरी से झुर्रियां और त्वचा की समस्याओं में राहत मिलती है. इसके अलावा यह बालों के लिए भी फायदेमंद है.

इसके अलावा यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है. सतावरी पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक है. वहीं, यह कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है. यह तनाव और चिंता को कम करके मानसिक शांति प्रदान करती है तथा हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. सतावरी को आमतौर पर दूध या घी के साथ सेवन किया जाता है.

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि यह पाचन शक्ति बढ़ाती है और गैस और एसिडिटी से राहत देती है. वहीं, इसका उपयोग इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में भी किया जाता है. तनाव और अनिद्रा को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करती है. इसके अलावा यूरिन इंफेक्शन और किडनी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है.

शतावरी का उपयोग कई तरीके से कर सकते हैं. आयुर्वेदिक चिकित्सक के मुताबिक, शतावरी के पत्ते या जड़ को पानी में उबाल कर काढ़ा तैयार किया जा सकता है. शतावरी के ताजे पत्तों और जड़ों को सब्जी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. चूर्ण भी ले सकते हैं. इसके चूर्ण को दूध या गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है. वहीं, मार्केट में इसके कैप्सूल भी मिलते हैं.