Last Updated:
देश में बहुत कम जगह ऐसी हैं जहां की हवा शुद्ध और प्रदूषण मुक्त है. एनसीआर के साथ ही देश के बड़े शहरों में प्रदूषण स्तर बहुत ज्यादा है और वह लंग कैंसर, टीबी और सीओपीडी जैेसी बीमारियां देने के बाद औसत जीवन प्…और पढ़ें
वायु प्रदूषण से युवाओं में लंग कैंसर, टीबी और सीओपीडी की बीमारी बढ़ रही है. डॉक्टरों की मानें तो जो बीमारियां कभी बुजुर्गों से जोड़ी जाती थीं, जैसे फेफड़ों का कैंसर, सीओपीडी और टीबी, अब युवाओं में दिखने लगी हैं. इससे जनसांख्यिकीय और आर्थिक आपदा की आशंका गहराती जा रही है. सुबह-सुबह धुएं में दौड़ने वाले युवा, ट्रैफिक जाम में फंसे पेशेवर और प्रदूषित कक्षाओं में बैठने वाले छात्र ये सभी रोजाना अपने फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह अदृश्य चोट तब सामने आएगी जब देश को उनकी सबसे अधिक जरूरत होगी. आंकड़े बताते हैं कि जहरीली हवा भारतीय लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा से लगभग 1,000 दिन पहले ही काट रही है. यह एक मौन क्षति है जिसे देश अनदेखा नहीं कर सकता.
देशभर में रेस्पिरेटरी समस्याओं को लेकर दिल्ली में जुटे वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्टों ने कहा कि यह संकट सिर्फ बाहरी प्रदूषण तक सीमित नहीं है.ऐसे तमाम सबूत हैं जो बताते हैं कि रसोई का धुआं और बायोमास ईंधन गैर-धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भी फेफड़ों के कैंसर का बड़ा कारण बन रहे हैं.बच्चों पर भी इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है. निमोनिया अब भी दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों का 14% कारण है.जबकि भारत में टीबी की दर भी सबसे अधिक बनी हुई है. यहां हर एक लाख लोगों पर 195 मामले दर्ज हो रहे हैं.
वहीं डॉ. आदित्य चावला ने कहा कि श्वसन स्वास्थ्य भारत की जलवायु, कैंसर और बाल-जीवन रक्षा की कहानी एक साथ है. सबसे चिंताजनक यह है कि आज वही युवा वर्ग जो सबसे मजबूत होना चाहिए था जहरीली हवा के दाग अपने शरीर पर दिखा रहा है. अगर आज का युवा खुलकर सांस नहीं ले पा रहा तो देश का भविष्य भी उसके साथ घुट रहा है.2025 वह साल होना चाहिए जब हमने कार्रवाई करने का फैसला किया.
अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें
अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें
.