कौन कहता है जहरीला है ये पौधा? इसका तेल बना देता है कई समस्याओं का इलाज!

Last Updated:

कनेर का तेल त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में बेहद कारगर माना जाता है. इसे बनाने के लिए कनेर के पत्तों या फली को नारियल या जैतून के तेल में डालकर अच्छे से उबालते हैं, फिर ठंडा करके उपयोग में लाते हैं. इसमें पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण खुजली, दाद, फोड़े-फुंसी जैसी परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं. आइए जानते है इस तेल के फायदे…

आपके घर के पास पीले रंग का कनेर का फूल जरूर दिखता होगा. पूजा-पाठ में फूलों का उपयोग होता है. लेकिन, क्या आपको पता है कि इस पौधे के पत्ते, फूल और फली से बनने वाला तेल दर्द सहित कई रोगों में लाभकारी है. आज भी गांवों में लोग इस नुस्खे का इस्तेमाल करते हैं और देशी तरीके से तेल बनाकर प्रयोग करते हैं.

kaner benifits

कनेर का तेल बनाने के लिए पत्तों या फली को नारियल या जैतून के तेल में डालकर अच्छे से उबाल लेना चाहिए. फिर इसे निकालकर ठंडा कर लें। ठंडा होने के बाद इस तेल को शीशी में भरकर इस्तेमाल कर सकते हैं.

kaner

कनेर का तेल खुजली, दाद, फोड़े-फुंसी और त्वचा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में असरदार है. इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा को बेहतर बनाने में बेहद मददगार हैं.

kaner benifits

सरसों या जैतून के तेल में उबालकर जोड़ में मालिश करने से दर्द खत्म होता है. साथ ही यह सूजन को भी कम करने में कारगर है. पहले के जमाने में दादी-नानी इसका इस्तेमाल करती थीं और आज भी ग्रामीण इलाकों में दर्द निवारक जेल की जगह इसका उपयोग किया जाता है.

tricks

कनेर के पत्ते को एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर पुराने घावों पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है. इसके अर्क का उपयोग संक्रमण को रोकने के लिए भी किया जाता है, अलग-अलग तरीकों से इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

kaner

अगर आप भी कनेर के तेल का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें. क्योंकि यह बेहद जहरीला पौधा होता है. इसका उपयोग केवल शरीर के बाहरी हिस्से पर करें और तेल लगाने के बाद धूप में जाने से बचें.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

कौन कहता है जहरीला है ये पौधा? इसका तेल बना देता है कई समस्याओं का इलाज!

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *