अनदेखी: 3 करोड़ स्वीकृत पर टेंडर अटका, नए हॉस्टलों की राह देख रहे स्टूडेंट – Bhopal News

शहर के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए बने हॉस्टल की हालत बदतर होती जा रही है। लगभग 30 साल से ज्यादा पुराने इन हॉस्टलों की दीवारें दरक रही हैं, छतों पर सीलन लग चुकी हैं, साफ-सफाई का अभाव है और सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर है।

.

ऐसे में आने वाले नए बैच के छात्रों को रहने के लिए कोई हॉस्टल नहीं है। नतीजतन, नए छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध नहीं के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप गुप्ता ने बताया कि हॉस्टल की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इधर, जीएमसी प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल्स में जल्द सुधार कार्य करवा लिया जाएगा।

1500 स्टूडेंट, पर पर्याप्त हॉस्टल नहीं जीएमसी में इस समय चार बैच के 1000 एमबीबीएस विद्यार्थी और तीन बैच के करीब 500 पीजी विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। यानी करीब डेढ़ हजार स्टूडेंट्स कॉलेज से जुड़े हुए हैं, लेकिन हॉस्टल की संख्या बेहद कम है। नतीजतन, हर छात्र को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाती और कई छात्रों को किराए के मकानों में बाहर रहना पड़ता है।

इस बार जीएमसी में नए बैच के आने के बाद हॉस्टल संकट और गहरा सकता है। छात्र नेताओं का कहना है कि स्वीकृत राशि का उपयोग समय पर नहीं हुआ तो यह राशि लैप्स भी हो सकती है। वहीं, पुराने हॉस्टलों की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ रही है। इससे छात्रों में गुस्सा और निराशा दोनों है।

नए हॉस्टल का काम धीमा छात्रों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने जीएमसी परिसर में दो नए हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। इनमें से एक हॉस्टल का निर्माण कार्य परिसर में शुरुआती स्तर पर शुरू भी हो चुका है। दूसरा हॉस्टल ईदगाह हिल्स में बनाया जाएगा। हालांकि, मौजूदा हॉस्टलों की मरम्मत और सुधार का काम टेंडर प्रक्रिया अटकने के कारण शुरू ही नहीं हो सका है।

छात्रों की प्रमुख समस्याएं

  1. साफ-सफाई का अभाव: कमरों, शौचालय और बाथरूम में गंदगी।
  2. पेयजल की समस्या: शुद्ध पानी की सप्लाई नियमित नहीं रहती।
  3. ढांचागत दिक्कतें: दीवारों पर काई, दरकती दीवारें, लीकेज और टूटा-फूटा फर्नीचर।
  4. पुराना ढांचा: 30 साल पुराने भवन की हालत जर्जर।
  5. बिजली वायरिंग: खराब वायरिंग से हादसे का खतरा।
  6. स्वास्थ्य खतरे: मच्छर और गंदगी से डेंगू-मलेरिया का डर।

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *