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Indore MY Hospital News: एमवाय अस्पताल में चूहों के कुतरने से बच्चियों की मौत के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब तो न्यूज 18 के हाथ वो सुबूत लगा, जिसमें जिम्मेदारों का झूठ बेनकाब हो गया.
Indore News: इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात बच्चियों की मौत का मामला सुर्खियों में है. अस्पताल की लापरवाही से NICU वार्ड में चूहों ने बच्चियों को कुतरा, जिससे उनकी मौत हो गई. जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना बयानों ने मामले को और गंभीर बना दिया है. ये जानने के बाद लोगों में आक्रोश है कि कैसे बच्चियों की मौत में बरती लापरवाही को बार-बार छिपया गया.
बयानों की फेहरिस्त में शुरुआत होती है पीडियाट्रिक सर्जिकल वार्ड के HOD डॉ. ब्रजेश लाहौटी से. घटना के बाद उन्होंने चूहों के वार्ड में पहुंचने को लापरवाही नहीं माना था. कहा था कि ये सामान्य है, जबकि चूहों ने बच्चियों की तीन अंगुलियां पूरी तरह खा ली थीं. वहीं, अस्पताल के डीन अरविंद घनघोरिया ने इसे लापरवाही माना, लेकिन अधीक्षक और HOD को सस्पेंड करने के सवाल पर गोलमोल जवाब दिए.
सबसे गजब का बयान तो अधीक्षक डॉक्टर अशोक यादव का था. उन्होंने तो दावा किया कि परिजन बच्चियों को मृत समझकर छोड़कर भाग गए. चूहों ने सिर्फ बच्चियों को कुतरा है, लेकिन सच्चाई तब उजागर हुई, जब बच्ची के पिता देवराम ने बयान दिया. पिता ने कहा, वे बच्ची को छोड़कर नहीं गए थे. अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें घर भेजा और फोन पर सूचना देने का वादा किया. लेकिन, मौत के बाद बिना सूचना दिए पोस्टमार्टम किया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी. मां ने रोते हुए अस्पताल के झूठ को बेनकाब किया.
अधीक्षक, डीन पर होगी कार्रवाई!
News 18 के पास इसके सबूत हैं. एडमिशन फॉर्म में दिए गए एड्रेस और मोबाइल नंबर सही निकले, जबकि अस्पताल उन्हें गलत बता रहा था. मामले में अब तक चार लोगों को सस्पेंड किया गया है और चार को नोटिस भेजा गया. जयस संगठन के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया. अधीक्षक को सस्पेंड करने और डीन पर कार्रवाई का भी वादा किया.
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