चंद्र ग्रहण पर चित्रकूट में बंद रहेंगे कामदगिरि मंदिर के कपाट, प्रवेश, पूजा-पाठ नहीं होगा, घर से मंत्र जाप की अनुमति

पंडितों के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक रविवार को दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इसके चलते कामदगिरि मुखारविंद मंदिर के कपाट 12:50 बजे बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण का स्पर्श रात्रि 9:57 बजे होगा, मध्यकाल 11:41 बजे रहेगा और मोक्ष 8 सितंबर तड़के 1:26 बजे होगा।

Publish Date: Sat, 06 Sep 2025 09:39:47 PM (IST)

Updated Date: Sat, 06 Sep 2025 09:47:16 PM (IST)

कामदगिरि मंदिर

HighLights

  1. दोपहर से शुरू होगा सूतक, 8 सितंबर प्रातः आरती में कपाट खुलेंगे
  2. चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिरों में प्रवेश आैर पूजा-पाठ वर्जित रहेगा।
  3. घरों पर या आश्रमों में भजन, कीर्तन और मंत्र जाप कर सकते हैं।

सतना। रविवार यानी आज लगने वाले खंडग्रास चंद्र ग्रहण को लेकर चित्रकूट में धार्मिक व्यवस्थाओं को तय कर दिया गया है। इस दौरान कामदगिरि मुखारविंद मंदिर समेत क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के कपाट निर्धारित समय पर बंद कर दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं को सूचित किया गया है कि ग्रहण काल में मंदिरों में पूजा-अर्चना नहीं होगी, केवल मंत्र जाप, भजन-कीर्तन और ध्यान की अनुमति रहेगी।

पंडितों के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक रविवार को दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इसके चलते कामदगिरि मुखारविंद मंदिर के कपाट 12:50 बजे बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण का स्पर्श रात्रि 9:57 बजे होगा, मध्यकाल 11:41 बजे रहेगा और मोक्ष 8 सितंबर तड़के 1:26 बजे होगा। इसके बाद सुबह प्रातः कालीन आरती के साथ मंदिरों के कपाट पुनः खोल दिए जाएंगे।

धर्माचार्यों ने स्पष्ट किया है कि ग्रहण के दौरान मंदिरों में प्रवेश व पूजा-पाठ वर्जित रहेगा। भक्त अपने घरों पर या आश्रमों में भजन, कीर्तन और मंत्र जाप कर सकते हैं। इसी के साथ श्रद्धालुओं को यह भी स्मरण कराया गया है कि ग्रहण का सूतक प्रारंभ होने के बाद तक किसी भी धार्मिक कार्य की अनुमति नहीं है।

naidunia_image

Lunar Eclipse 2025: चंद्र ग्रहण के दौरान भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा भारी नुकसान!

  • इस बार चंद्र ग्रहण के साथ ही पितृपक्ष की शुरुआत भी हो रही है।
  • ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 7 सितंबर को ही पूर्णिमा श्राद्ध संपन्न होगा।
  • इसलिए सभी श्राद्ध कर्म, ब्राह्मण भोजन और दान-पुण्य के कार्य दोपहर 12 बजे से पहले ही पूर्ण कर लेने का विशेष निर्देश दिया गया है।
  • चित्रकूट सहित पूरे बुंदेलखंड अंचल में इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है।

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *