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Khargone News: मनावर गांव के लोग पुलिया न होने से नदी पार कर जोखिम उठाते हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा पाते. ग्रामीणों ने कलेक्टर, विधायक राजकुमार मेव से मदद मांगी, लेकिन सालों से कोई हल नहीं निकला.
सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें कई बार पानी बढ़ जाने पर स्कूल जाना बंद करना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है. बच्चे रोज सुबह घुटनों तक पानी में चलकर स्कूल जाते हैं, लेकिन बारिश के दिनों में जब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, तब उनकी पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जाती है. ग्रामीणों को डर सता रहा है कि कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है. हालात यह हैं कि बीमार मरीज, गर्भवती महिलाएं और अंतिम यात्रा के लिए भी ग्रामीणों को इसी खतरनाक रास्ते का सहारा लेना पड़ता है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार पुलिया निर्माण की मांग की है. पिछले साल भी उन्होंने खरगोन कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और जनपद सीईओ को आवेदन दिया था. लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई. इस बार भी ग्रामीणों ने तहसीलदार कैलाश सस्तिया, सीईओ रीना चौहान और महेश्वर विधायक राजकुमार मेव को ज्ञापन सौंपा है. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के अमृत काल में भी वे मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं.
पुलिया के लिए स्टीमेट भेजा है
स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने कहा कि, स्कूल जाने के लिए रोजाना इस नदी को पार करना पड़ता है. काम छोड़कर मम्मी-पापा नदी पार कराने आते है. पंचायत के कालुसिंह रावत ने बताया, पुलिया निर्माण के लिए स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा है, अभी तक राशि आवंटित नहीं हुई है. जैसे ही स्वीकृति और राशि मिलती है पुलिया का काम शुरू कर देंगे. जनपद पंचायत महेश्वर की सीईओ रीना चौहान ने कहा, मामला उनके संज्ञान में है और ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी.
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