विक्ट्री डे के मौके पर चीन पहुंचे उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की स्पेशल ट्रेन की बात तो शायद सभी जानते होंगे. वो अमूमन अपनी इसी ट्रेन से यात्रा करते हैं. क्या आपको मालूम है कि वो हर जगह अपने साथ खास किचन टीम भी लेकर चलते हैं. अगर वो किसी दूसरे देश में भोज समारोह में कुछ खाते – पीते नजर आएं तो समझ लीजिए कि नाटक कर रहे हैं. खाना तो वह अपना ही खाते हैं. इसी तरह अपना गुसलखाना भी साथ लेकर चलते हैं. जब कहीं बैठते हैं तो सहायक तुरंत स्प्रै और कपड़ों के जरिए उस जगह को साफ कर देते हैं ताकि उनका बाल या कपड़े का एक रेशा भी नहीं बचे.
किम जोंग-उन की खान-पान की सेक्युरिटी भी उतनी ही सख़्त है जितनी उनकी यात्रा या डीएनए सुरक्षा. कहीं भी दूसरे देश में या अपने ही देश में बाहर जाते समय वो आमतौर पर वहां का खाना नहीं खाते – कम से कम बिना पूरी जांच के बगैर तो बिल्कुल नहीं.
उनकी खानपान टीम साथ चलती है
बाहर खाने को लेकर उनका पूरा प्रोटोकॉल है, जिसका सख्ती से पालन भी होता है. अगर वह उत्तर कोरिया या उसकी राजधानी प्योंगयांग में कहीं हैं और उनको खाने की जरूरत पड़ती है तो उनकी टीम उनका खाना साथ लेकर चलती है. या तुरंत उनके पैलेस से उनके लिए लेकर आती है. अगर वह विदेश जाते हैं तो उनके साथ एक पर्सनल कुकिंग टीम जाती है. ये लोग सारी ग्रॉसरी, मीट, सब्ज़ियां, चावल, शराब सब नॉर्थ कोरिया से लेकर आते हैं. बाहर की कोई भी चीज वो इस्तेमाल नहीं करते. अगर करते हैं तो उसको या तो नष्ट कर दिया जाता है या फिर स्प्रै से साफ कि कुछ भी नहीं बचे.
ये टीम बाहर भी खाना पकाती है
ये टीम उनका खाना वहीं पकाती है. बाहर के किसी होटल या रेस्तरां पर डिपेंड नहीं करती. अगर बाहर का खाना लेना ही पड़े, तब भी उनकी सिक्योरिटी और किचन स्टाफ उस खाने को पहले टेस्ट करते हैं. कई बार उनके बॉडीगार्ड्स या सहयोगी पहले वही खाना खाते हैं ताकि ज़हर या किसी तरह का जहर मिलाने की आशंका खत्म हो सके.
शराब और पानी भी नार्थ कोरिया से साथ चलता है
उनका पीने का पानी और शराब भी नार्थ कोरिया से खासतौर पर साथ लाई जाती है. उन्हें वाइन और कॉन्यैक शराब पसंद है. विदेशी देशों में पानी तक का इंतज़ाम उनकी टीम करती है. नॉर्थ कोरिया का इतिहास बताता है कि लीडर्स को जहर देने का डर हमेशा रहा है.
पिता और दादा भी यही करते थे
उनके पिता और दादा किम इल-सुंग और किम जोंग-इल भी हमेशा खाना टेस्ट करवाकर ही खाते थे. किम जोंग-उन इस प्रोटोकॉल को और भी सख्ती से लागू करते हैं.
जब ट्रंप से मिले तब भी उनकी टीम ने ही खाना बनाया
जब वो किसी और लीडर से मिलते हैं और डिनर होता है, तो टेबल पर अक्सर दोनों देशों के शेफ मिलकर खाना तैयार करते हैं लेकिन किम का हिस्सा उनकी टीम ही बनाती है. जैसे सिंगापुर में ट्रंप से मीटिंग के समय डिनर के लिए इंटरनेशनल मेन्यू था, लेकिन किम का खाना उनकी टीम ने पर्सनली सुपरवाइज किया.
किम जोंग-उन जब भी विदेश यात्रा करते हैं, उनके साथ अपना निजी किचन स्टाफ जाता है।
तो दिखावे के लिए उनके सामने खाना होता है
जब वे किसी दूसरे देश के लीडर के साथ आधिकारिक भोज में बैठते हैं, तो दिखावे के लिए प्लेट्स और खाना सामने होता है लेकिन वास्तव में उनकी खुद की टीम द्वारा तैयार किया गया खाना उन्हें परोसा जाता है. कई बार उन्होंने ग्लास उठाया, लेकिन पिया नहीं, ये भी उनकी सुरक्षा स्ट्रेटेजी का हिस्सा है.
टॉयलेट भी साथ लेकर चलते हैं
जैसे वे अपना टॉयलेट साथ लेकर चलते हैं ताकि कोई मेडिकल सैंपल न ले पाए, कोई विदेशी इंटेलिजेंस उनकी मूत्र या मल से उनका DNA, स्वास्थ्य रिपोर्ट, बीमारियों का पता न लगा ले. उनकी सोने की चादरें, पिलो, उनके इस्तेमाल करने वाले सामान सब उनकी टीम साथ लेकर चलती है, वह आमतौर पर दूसरे देश में कोई सामान इस्तेमाल करते नहीं ताकि उनके डीएनए के सैंपल लीक नहीं हो जाएं.
चीन में जहां बैठे, उसकी भी प्रापर सफाई कर दी गई
इसी वजह से चीन में वह जहां कहीं बैठे भी, उस जगह को उनके उठते ही सहायकों ने स्प्रै और कपड़े से तुरंत साफ कर दिया. ताकि बाल, पसीना, लार या अन्य जैविक निशान किसी को न मिल पाए. किम जोंग-उन के मूवमेंट और सिक्योरिटी को लेकर असाधारण स्तर की सीक्रेसी बरती जाती है.
किस तरह उन्हें घेरकर चलते हैं बॉडीगार्ड्स
जब वे किसी शहर में उतरते हैं तो उनके साथ क्लोज़-गार्ड यूनिट होती है, ये 15–20 बॉडीगार्ड्स की विशेष टुकड़ी होती है, जो तुरंत किम के चारों ओर दौड़कर सुरक्षा घेरा बनाती है. उनकी कार मर्सिडीज़ मेबैक को चारों तरफ से बॉडीगार्ड्स घेरे रहते हैं. उनकी सुरक्षा को कोरियन पीपल्स आर्म्ड फोर्सेस और स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट दोनों संभालते हैं. जब वे चीन, रूस या वियतनाम जैसे देशों में जाते हैं, तो होस्ट देश भी उनकी इन सिक्योरिटी डिमांड्स को पूरा करता है.
जब वो किसी होटल में ठहरते हैं तो क्या होता है
किम जोंग उन की सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स को देखते हुए जब भी वो किसी होटल या गेस्टहाउस में ठहरते हैं, तो आमतौर पर वहां का सामान फर्नीचर, बेडिंग, यहां तक कि बाथरूम के फिटिंग्स भी सीधे तौर पर इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि उनकी टीम पहले से सब कुछ कंट्रोल और मॉडिफाई कर देती है.
जब वो किसी होटल में ठहरते हैं तो पूरा फ्लोर या पूरा होटल ब्लॉक कर दिया जाता है. सभी कमरे और स्टाफ केवल नॉर्थ कोरियाई सिक्योरिटी के कंट्रोल में होते हैं. कई बार वो अपना बिस्तर, चादरें और तकिए तक साथ ले जाते हैं. होटल के बेडिंग को बदलवा दिया जाता है ताकि कोई भी गुप्त डिवाइस फिट न कर सके. होटल का टॉयलेट इस्तेमाल नहीं करते ताकि उनका DNA या मेडिकल डेटा किसी को न मिले. होटल के कमरे में रखे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सिक्योरिटी टीम चेक करती है. अगर शक हो तो वो अपने उपकरण इस्तेमाल करते हैं.
जब वो पहली बार ट्रंप से मिलने सिंगापुर गए
वर्ष 2018 में किम जोंग उन डोनाल्ड ट्रंप से मिलने सिंगापुर गए. वहां वह कैपेला होटल में रुके. यह उनकी पहली बड़ी विदेशी समिट थी. होटल का पूरा विंग ही लगभग खाली करा दिया गया. बाकी मेहमानों को उस हिस्से तक पहुंचने नहीं दिया गया.
होटल के बेड और मैट्रेस पर उनकी टीम ने अपने बेडिंग यानि चादरें और तकिए बिछा दिए. इस्तेमाल किए जाने वाले सोफे, कुर्सी, टेबल आदि को पहले पोंछा गया और कुछ जगह खुद की सीटिंग अरेंजमेंट लगाई गईं. होटल का टॉयलेट पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया. उनका पोर्टेबल टॉयलेट यूनिट होटल में लगाया गया, ताकि उनका कोई मेडिकल डेटा लीक न हो. किसी भी होटल डिवाइस का उपयोग उन्होंने सीधे तौर पर नहीं किया.
किम जोंग-उन का खाना होटल की किचन में नहीं बना. उनके पर्सनल शेफ और सिक्योरिटी टीम नॉर्थ कोरिया से खाना और कुकिंग सामग्री लेकर आए. उनकी पानी की बोतलें और शराब भी नॉर्थ कोरिया से आई थी.
जब वर्ष 2019 में हनोई गए
वर्ष 2019 में वह वियतनाम की राजधानी हनोई गए. यह उनकी ट्रेन से की गई सबसे लंबी यात्रा थी. यहां भी कड़े प्रोटोकॉल दिखे. वह मेलिया होटल में रुके. होटल का एक बड़ा हिस्सा केवल किम और उनकी डेलीगेशन के लिए आरक्षित किया गया. होटल का रेस्तरां तक कुछ दिनों के लिए पब्लिक के लिए बंद कर दिया गया.
यहां भी उनकी टीम ने अपना बेडिंग इस्तेमाल किया. उनके लिए विशेष कुर्सियाँ और टेबल लाए गए. ताकि DNA या शरीर से निकलने वाले किसी भी निशान का रिस्क न रहे. किम ने होटल के बाथरूम को सीधे इस्तेमाल नहीं किया. पोर्टेबल टॉयलेट यूनिट को ट्रेन से लेकर होटल में इंस्टॉल किया गया.
उनका सारा खाना होटल किचन से बाहर बनाया गया. उनके शेफ और सिक्योरिटी टीम ने होटल किचन को सिर्फ “बैकअप” या “सेटअप” के लिए इस्तेमाल किया. मेज पर रखे बर्तन, गिलास, चम्मच सब उनकी टीम के कंट्रोल में थे.
होटल के एक हिस्से को अमेरिकी प्रेस सेंटर के लिए रिज़र्व किया गया था, लेकिन अचानक नॉर्थ कोरिया की टीम ने उसे अपने काम के लिए इस्तेमाल कर लिया. इससे इंटरनेशनल मीडिया हैरान रह गई.
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