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Aparajita Gardening Tips: अपराजिता का पौधा न केवल सुंदर होता है बल्कि धार्मिक, औषधीय और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी बेहद लाभकारी है. अगर आपके पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं, तो इसकी वजह धूप की कमी, अधिक पानी या पोषण की कमी हो सकती है. पौधे को सीधी धूप दें, मिट्टी की नमी जांचें और समय-समय पर जैविक खाद जैसे गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट डालें. हल्की छंटाई और लोहे या केले के छिलके से बना घोल भी फूलों को बढ़ावा देता है. सही देखभाल से यह पौधा पूरे साल फूलों से भरा रह सकता है.
अपराजिता का पौधा दिखने में जितना सुंदर होता है, उतना ही शुभ और औषधीय गुणों से भरपूर भी होता है.इसे कई लोग धार्मिक मान्यताओं के चलते घर में लगाते हैं, तो कुछ लोग इसकी खूबसूरती और हरियाली के कारण इसे अपने गार्डन का हिस्सा बनाते हैं.

कई बार देखने में आता है कि पौधा तो खूब पत्तियों वाला हो जाता है, लेकिन फूल नहीं देता. अगर आपके अपराजिता पर भी फूल नहीं आ रहे हैं तो घबराएं नहीं, कुछ आसान उपाय अपनाकर आप साल भर खिलते हुए फूल पा सकते हैं.

जहां कम से कम 5 से 6 घंटे धूप मिले. ऐसा करने से अपराजिता के पौधे में फूल आने का सिलसिला बढ़ जाऐंगे.

अपराजिता के पौधे में ज्यादा पानी डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. इसको ज्यादा पानी पसंद नहीं है. ज़्यादा नमी से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं और फूल नहीं आते. इसलिए पानी तभी दें जब मिट्टी सूखी लगे.

अपराजिता का देखभाल करना बेहद जरूरी है. इसके लिए जैविक तरीका अपना सकते हैं. हर 15 दिन में एक बार घर की बनी जैविक खाद जैसे कि गोबर की खाद, छाछ, या वर्मी कम्पोस्ट देने से पौधे को जरूरी पोषण मिलेगा और फूल आने की संभावना बढ़ेगी.

अगर पौधा बहुत घना हो गया है तो उसकी हल्की छंटाई करें। इससे नई कोपलें और फूल आने की जगह मिलती है. लोहे या केले के छिलके का पानी दें. लोहे की कील को पानी में कुछ घंटे भिगोकर उस पानी को पौधे में डालें या फिर केले के छिलके को पानी में भिगोकर उसका घोल दें. इससे फूल आने में मदद मिलती है.

अपराजिता का पौधा अगर सही देखभाल पाए तो साल भर नीले या सफेद सुंदर फूलों से भरा रहता है. यह पौधा जितना सुंदर दिखता है, उतनी ही सकारात्मक ऊर्जा भी घर में लाता है. तो बस थोड़ी सी मेहनत करें और इस पौधे को खिलते हुए देखें.
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