कैथोलिक चर्च, देवास रोड, उज्जैन में उज्जैन डायसिस को आर्च डायसिस का दर्जा प्राप्त होने के उपलक्ष्य में सोमवार को समारोह आयोजित किया गया। बिशप सेबास्टियन वडक्केल को इस कैथोलिक आर्च डायसिस का प्रथम आर्च बिशप बनाया गया। इस अवसर पर आर्च बिशप वडक्केल का स
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कैथोलिक चर्च के जनसंपर्क अधिकारी फादर जोस पुल्लाट ने बताया कैथोलिक चर्च में आर्च डायसिस, आर्च बिशप के नेतृत्व में एक कलीसियाई क्षेत्राधिकार होता है। उनके पास अपने आर्च डायसिस में चारागाही, उपासना विधि संबंधी और प्रशासनिक अधिकार होते हैं। इसके अतिरिक्त कलीसियाई क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आसपास की सहायक डायसिस के लिए वे एक पर्यवेक्षक की भूमिका निभाते हैं। उज्जैन आर्च डायसिस के अंतर्गत जगदलपुर, सागर और सतना सहायक डायसिस हैं। 26 फरवरी 1977 में उज्जैन को एक पूर्ण डायसिस का दर्जा मिला। फादर जॉन पेरुमट्टम को इसका पहला बिशप नियुक्त किया गया।
8 सितंबर 1998 को फादर सबास्टियन वडक्केल को उज्जैन का द्वितीय बिशप बनाया गया। उज्जैन डायसिस का 50 वर्षों से अस्तित्व है और इतने ही वर्षों से उज्जैन डायसिस समाजसेवा के विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। आर्च बिशप डॉ. सेबास्टियन वडक्केल का जन्म 7 अक्टूबर 1952 को केरल में हुआ था। अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करके उन्होंने सेमिनरी में प्रवेश लिया और 19 अप्रैल 1979 में वे पुरोहित बने। उन्होंने रोम से कैनन लॉ में अपनी डॉक्टरेट की है।
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