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Burhanpur News: अनिता गौतम राज जैन ने लोकल 18 को बताया कि जो भी भक्त इस तप को करता है, उसको 45 दिन तक सुबह-शाम भगवान की भक्ति करना पड़ती है और वह ईश्वर भक्ति में इतना लीन हो जाता है कि 45 दिन तक भूखा-प्यासा रह …और पढ़ें
बुरहानपुर. सभी समुदायों की अलग-अलग परंपराएं होती हैं. उनके अनुसार लोग उनका पालन करते हैं. जैन समाज में भी एक सिद्धि तप होता है. यह इतनी कठिन तपस्या है कि इसके लिए भूखा-प्यासा रहना पड़ता है. लोकल 18 की टीम ने इसके बारे में विस्तार से जाना. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की शाह बाजार क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने 45 दिन भूखे प्यासे रहकर सिद्धि तप किया. तिलक हॉल स्थित जैन वाडी में सिद्धि तप करने वाली अनिता गौतम राज जैन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह जिले की पहली महिला हैं, जिनके द्वारा 45 दिन भूखे-प्यासे रहकर सिद्धि तप किया गया. तप के बाद समाज जनों ने उन्हें केर और मूंग का पानी पिलाया. तप करने वाले को 15 दिन तक बहुत कम भोजन दिया जाता है, इसलिए यह बहुत कड़ा तप माना जाता है.
अनिता गौतम राज जैन ने बताया कि जो भी भक्त इस तप को करता है, उसको 45 दिन तक सुबह-शाम भगवान की भक्ति करना पड़ती है और वह भक्ति में इतना लीन हो जाता है कि 45 दिन तक भूखा-प्यासा रह लेता है. 45 दिन के बाद मूंग और केर का पानी पिलाकर उपवास तोड़ते हैं. उसके 15 दिन बाद तक बहुत कम भोजन दिया जाता है.
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