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Bhopal News: भोपाल में पशुपालन विभाग ने 65 एकड़ जमीन का सीमांकन किया, जिसमें डायमंड कॉलोनी के 25-30 घर पर लाल निशान लगाए गए हैं. जानें लोगों ने कहा…
ऐसे में डायमंड कॉलोनी रेवासी यो की चिंताएं बढ़ गई हैं.
मछली परिवार से जुड़ा कनेक्शन!
लोकल 18 की टीम ने जमीनी हकीकत जानने के लिए डायमंड कॉलोनी पहुंची, जहां लोगों ने पूरे मामले में अपना पक्ष रखा. स्थानीय रहवासियों का कहना है कि हमारे पास अपनी जमीन के पूरे कागजात हैं, जबकि अब प्रशासन की इस कार्रवाई में हमारी जमीन सरकारी कब्जे की बताई जा रही है. लोगों ने यह भी कहा कि मछली परिवार पर हुई कार्रवाई का असर हम पर भी पड़ रहा है.
लोकल 18 से बात करते हुए रणधीर सिंह ने बताया, प्रशासन की ओर से सीमांकन किया जा रहा है. इसमें सबसे पहले आरटीओ कार्यालय की ओर सीमांकन किया गया, जिसके बाद कस्तूरी प्राइम में जमीन का सीमांकन हुआ. इसके बाद हमारी डायमंड सिटी में भी निशाना बनाए गए हैं. इस दौरान करीब 25 से 30 घरों के बाहर मार्किंग की गई है, जिसे अब प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन बताया गया है.
हमारे पास कागजात
डायमंड सिटी रहवासियों का कहना है कि हमने जमीन के मालिक से जमीन को खरीदा है. हमारे पास इस संबंध में सारे दस्तावेज मौजूद हैं, जिसमें यह साफ देखा जा सकता है कि जमीन पहले किसकी थी और वर्तमान समय में किसकी है. इसमें नामांतरण, एनओसी, जमीन कर और राजस्व भी दिया जा चुका है. अब कॉलोनी वासियों का कहना है कि हम हाईकोर्ट से लेकर इस संबंध में अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाएंगे.
पिछले दिनों हुई थी बड़ी कार्रवाई
वहीं, 65 एकड़ में करीब 40 बिल्डिंग, प्लाट, 30 दुकानें, एक पेट्रोल पंप, एक स्कूल समेत दो-तीन कॉलोनियां शामिल हैं. अगले 2 दिन में पटवारी विस्तृत रिपोर्ट पेश कर यह रिपोर्ट कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दिखाई जाएगी. बीते दिनों प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए साथ बड़े अवैध निर्माण को जमीदोज किया था. जांच में पाया गया कि यह सभी निर्माण जिस जमीन पर बने थे, वह सरकारी है. साथ ही इस जमीन की कीमत करीब सवा सौ करोड़ रुपए बताई गई. अब पशुपालन विभाग की ओर से किए गए सीमांकन का कनेक्शन भी मछली परिवार पर हुई कार्रवाई से जुड़ता नजर आ रहा है. बता दें, ड्रग और रेप केस में इस परिवार के दो सदस्य पहले से ही जेल में बंद है.
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