भोपाल में बुधवार से गणेश चतुर्थी की शुरुआत हो रही है। बप्पा के स्वागत के लिए शहर पूरी तरह से तैयार है। मंगलवार शाम से ही गणेश प्रतिमाओं को घरों और पंडालों में स्थापित करने का सिलसिला शुरू हो गया। कहीं डीजे की गूंज सुनाई दी, तो कहीं ढोल-ढमाकों और भजनो
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शहर के गली–मोहल्लों से लेकर प्रमुख चौराहों तक गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्राएं निकलती रहीं। ट्रकों, ठेलों, पिकअप वाहनों और श्रद्धालुओं के कंधों पर बप्पा की प्रतिमाएं बड़े ही श्रद्धा भाव से ले जाई गईं। इस दौरान युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। जगह-जगह गुलाल उड़ाया गया और भक्तों ने “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से माहौल गूंजा दिया।
कोलार रोड पर गणेश प्रतिमा ले जाते हुए लोगों ने ली तस्वीरें।
3000 से ज्यादा पंडालों में बप्पा का आगमन नगर निगम और प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, भोपाल में इस बार 3000 से अधिक छोटे-बड़े पंडाल सजाए गए हैं। शहर के मुख्य चौराहों, कॉलोनियों और मोहल्लों में आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं।
इन पंडालों को थीम आधारित सजावट से खास रूप दिया गया है। कहीं अयोध्या के राम मंदिर की झलक दिख रही है, तो कहीं काशी विश्वनाथ धाम या आधुनिक तकनीक से बने आकर्षक मंच श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रहे हैं।

घरों में विराजे बप्पा, लोगों ने की पूजा अर्चना।
घरों में भी बप्पा का आगमन केवल सार्वजनिक पंडाल ही नहीं, बल्कि हजारों घरों में भी बप्पा विराजे हैं। मंगलवार की शाम परिवारों ने विधि-विधान से गणेश प्रतिमाओं को स्थापित किया और आरती कर प्रसाद का वितरण किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में अपार उत्साह देखने को मिला।
वहीं बड़े पैमाने पर हो रहे आयोजन को देखते हुए पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। पंडालों के आसपास सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए गए हैं।
यातायात पुलिस ने शहर के कई इलाकों में रूट डायवर्ट किए हैं ताकि शोभायात्राओं और प्रतिमाओं की स्थापना में कोई बाधा न आए। गणेश प्रतिमाओं के स्थापित हो जाने के बाद अब अगले 10 दिनों तक शहर के हर पंडाल में पूजा-अर्चना, भजन संध्याएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।