शरीर के दुश्मन को मारकर बॉडी को शुद्ध करता है केले का छिल्का, वैज्ञानिकों ने शोध में निकाला फॉर्मूला, कैंसर को भी मात

Banana Peel Benefits: केला सिर्फ शरीर को ताकत देने वाला फल ही नहीं है बल्कि इसके छिलके में भी सेहत के जबरदस्त राज छुपे हैं. आमतौर पर हम केले का छिलका कचरे में फेंक देते हैं लेकिन आगे से अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे पहले सौ बार सोचिए. क्योंकि अब वैज्ञानिक पूरी दुनिया में इस छिलके के चमत्कारी गुणों को लेकर नई रिसर्च कर रहे हैं. अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन, जापान, इंडोनेशिया समेत भारत के कई संस्थानों ने साबित किया है कि केले का छिलका न सिर्फ खाने के लिए सुरक्षित है बल्कि सेहत के कई मामलों में फायदेमंद भी है. यह शरीर के सबसे बड़े दुश्मन फ्री रेडिकल्स को मारते हैं. फ्री रेडिकल्स के कारण कई तरह की क्रोनिक बीमारियां होती हैं जिनमें कैंसर भी शामिल हैं.

एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल का खजाना

केले के छिलके में गैलोकैटेचिन, कैटेचिन, क्वेरसेटिन, टैनिन, फ्लावोनोइड, सैपोनिन और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है. इन तत्वों की सबसे बड़ी खूबी है कि वे ‘फ्री-रेडिकल्स’ को खत्म करने में मदद करते हैं. जैसे-जैसे ये फ्री रेडिकल्स शरीर में जमा होते हैं, वैसे-वैसे कोशिकाओं की सेहत बिगड़ने लगती है, जिससे कैंसर, हृदय रोग और दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ता है. केले के छिलके का सेवन या उसका पेस्ट बनाकर इस्तेमाल शरीर की कोशिकाओं को बचाता है और बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है. इससे पेट के संक्रमण, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता और फेफड़ों व त्वचा की समस्याओं से लड़ने में सहायता मिलती है. इतना ही नहीं, इसमें मौजूद नैचुरल एंटीमाइक्रोबियल तत्व असरदार तरीके से ई. कोलाई, साल्मोनेला और स्टैफाइलोकोक्स जैसे खतरनाक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है.

स्किन, दांत और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

केले के छिलके में विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन ए समेत कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं. इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी खासियत स्किन पर धूप से खराबी, मुंहासे, और संक्रमण जैसी समस्याओं को ठीक करने में मददगार है. कई रिसर्च मुताबिक, रोजाना केले के छिलके का एक हिस्सा चेहरे या दांत पर रगड़ना, दांतों को सफेद करने, चमकदार बनाने या मसूड़ों की बीमारी से राहत पहुंचाने में भी कारगर है. पाचन के लिए इसकी फाइबर मात्रा भी खूब काम आती है. इससे कब्ज कम होती है और पेट की सफाई करती है जो आंतों के लिए बहुत फायदेमंद है. यही कारण है कि यह पेट की गंदगी को साफ कर पूरे शरीर को शुद्धि करता है.

इंफर्टिलिटी,डिप्रेशन और खानपान में उपयोग

केले के छिलके में मौजूद ट्रिप्टोफैन और विटामिन बी 6, दिमाग की सेहत के लिए भी अच्छे माने जाते हैं. ये दोनों तत्व दिमाग को सुकून देते हैं, डिप्रेशन या मूड को बेहतर करने में मदद करते हैं. जापान के वैज्ञानिक सोमेया की स्टडी बताती है कि केले के छिलके के एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को भीतर से साफ करते हैं और इसके फ्लावोनोइड्स, टैनिन, सैपोनिन कैंसर जैसे गंभीर रोगों के जोखिम को कम करने की क्षमता रखते हैं. इंडोनेशिया की रिसर्च में पाया गया कि अगर छिलके का पाउडर, अर्क या उसका रंग किसी भी खाने या वस्त्र में उपयोग किया जाए, तो वह बैक्टीरिया और फंगस का असर धीरे-धीरे खत्म कर देता है. कपड़ों को रंगने में भी छिलके का प्राकृतिक कलर बैक्टीरियल इन्फेक्शन से सुरक्षा देता है.

दवा बनने की संभावना

इस रिसर्च के आधार भविष्य में केले के पाउडर बनाकर उसे दवा के रुप में विकसित किया जा सकता है. ऐसे में अब केला खाना ही नहीं, बल्कि उसके छिलके को भी सहेज कर रखना फायदेमंद साबित हो सकता है. इनपुट-आईएएनएस

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *