फिजिकल हेल्थ- इंस्टेंट नूडल्स खाने में भारत चौथे नंबर पर: न्यूट्रिशनिस्ट की चेतावनी, ज्यादा खाने से बढ़ेगा बीपी और इंफ्लेमेशन

1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा इंस्टेंट नूडल्स खाने वाले देशों में भारत चौथे नंबर पर है। वर्ल्ड इंस्टेंट नूडल्स एसोसिएशन (WINA) के मुताबिक वर्ष 2023 में हमारे यहां इंस्टेंट नूडल्स की खपत 8.7 अरब सर्विंग्स नूडल्स पर पहुंच गई।

वर्ष 2018 से 2023 के बीच भारत में इंस्टेंट नूडल्स का मार्केट 13% की कंपाउंड रेट के साथ बढ़ा है। फिलहाल ऑथेंटिक आंकड़े तो 2023 तक के उपलब्ध हैं, लेकिन यह मार्केट तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि लोगों की खाने की आदतें बदल रही हैं। शहरों की आबादी बढ़ रही है और लोगों के खर्च करने की क्षमता में भी इजाफा हो रहा है। साल 2024 में इस मार्केट की कीमत अरबों अमेरिकी डॉलर हो गई है और 2030 तक इसके और भी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।

लेकिन क्या रोज इन्हें खाना ठीक है? क्या हम सिर्फ इंस्टेंट नूडल्स पर जिंदा रह सकते हैं और स्वस्थ भी? कई लोग इसे घर का आरामदायक खाना मानते हैं। अगर ये रोज का खाना बन जाएं तो सेहत पर क्या असर पड़ता है?

आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में हम इसी पर बात करेंगे। जानेंगे कि-

  • इंस्टेंट नूडल्स के कौन से तत्व नुकसान पहुंचाते हैं?
  • रोज खाने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
  • इसे बैलेंस्ड मील कैसे बनाएं?

इंस्टेंट नूडल्स में क्या होता है?

भारत में मिलने वाले ज्यादातर नूडल्स मैदा से बने होते हैं। कुछ पैकेट में इसके साथ सूखी सब्जियां या तला हुआ लहसुन भी होता है। ज्यादातर नूडल्स में बहुत सारा नमक होता है। एक सर्विंग में 600 से 1500 mg सोडियम हो सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन अच्छे स्वस्थ के लिए रोज 2000 mg से कम नमक खाने की सलाह देता है। इसलिए एक सर्विंग में ये मात्रा बहुत ज्यादा है। इसमें फाइबर बहुत कम यानी न के बराबर होता है। फाइबर पाचन के लिए जरूरी है।

डॉ. अनु कहती हैं कि इंस्टेंट नूडल्स सुविधाजनक हैं, लेकिन पोषक तत्व नहीं होते हैं। ये स्लो पॉइजन की तरह काम करते हैं अगर रोज खाए जाएं।

रोज इंस्टेंट नूडल्स खाने से होता नुकसान

कभी-कभी खाना भी फायदेमंद तो नहीं पर स्वाद के लिए चल सकता है, लेकिन रोज खाने से समस्या हो सकती है। हफ्ते में दो बार से ज्यादा खाने से महिलाओं में मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम से हार्ट डिजीज, डायबिटीज और दूसरी बीमारियां होती हैं। इसकी वजह, इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें हैं।

बीपी और वजन बढ़ता है

नूडल्स में मौजूद ढेर सारे सोडियम से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जो हार्ट और किडनी पर दबाव डालता है। भारत में पहले से नमक ज्यादा खाया जाता है, और प्रोसेस्ड फूड इसका बड़ा कारण है। कम फाइबर से कब्ज, आंतों की समस्या और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा। पोषक तत्वों की कमी से शरीर कमजोर होता है, इम्यूनिटी घटती है।

वेट गेन भी बड़ी मुश्किल है। ये हाई कैलोरी फूड में आते हैं लेकिन पेट ज्यादा देर नहीं भरते हैं। रिफाइंड कार्ब्स से ब्लड शुगर तेज बढ़ता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस और मोटापा। पाचन बिगड़ता है क्योंकि फाइबर कम, ऐडिटिव्स से ब्लोटिंग या इंडाइजेशन। कुछ स्टडीज में MSG और प्रिजर्वेटिव्स से कैंसर का खतरा भी बताया गया है। हाल की ICMR स्टडी में कहा गया कि ऐसे प्रोसेस्ड फूड्स से डिप्रेशन, एंग्जाइटी जैसी मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं।

ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, कोरियन कॉलेज स्टूडेंट्स में हफ्ते में 3 बार से ज्यादा नूडल्स खाने से डिस्लिपिडेमिया का खतरा 2.6 गुना बढ़ जाता है। इस कंडीशन में ब्लड में ट्राईग्लिसराइड बढ़ जाते हैं। डॉ. अनु अग्रवाल कहती हैं कि MSG से वजन बढ़ना, ब्लड प्रेशर और ब्रेन पर बुरा असर होता है।

जनवरी 2025 की रिपोर्ट में सर्दियों में रेमन नूडल्स पर बात हुई, जहां कहा गया कि MSG, TBHQ और सोडियम से हार्ट और पेट की बीमारियां बढ़ती हैं। उत्तर प्रदेश में 2024 में एक 7 साल के बच्चे की मौत नूडल्स से जुड़ी बताई गई, जो सदमा देने वाली है। लेकिन इससे पता चलता है कि ज्यादा खाना कितना खतरनाक है।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इंस्टेंट नूडल्स में रिफाइंड कार्ब्स से ब्लड शुगर स्पाइक होता है, जो डायबिटीज का खतरा बढ़ाता है। सैचुरेटेड फैट से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो धमनियों को ब्लॉक करता है। कम न्यूट्रिएंट्स से कैल्शियम, आयरन, विटामिन C की कमी हो सकती है। लंबे समय में ये इम्यूनिटी कमजोर करती है और बीमारियां आमंत्रित करती हैं।

इंस्टेंट नूडल्स को हेल्दी कैसे बनाएं

अगर आप इन्हें पसंद करते हैं तो पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं। कुछ आसान बदलाव से इन्हें बेहतर बना सकते हैं। सब्जियां मिलाएं- फ्रोजन मटर, पालक, ब्रोकली या गाजर डालें। इससे फाइबर और विटामिन बढ़ेंगे। प्रोटीन ऐड करें- उबला अंडा, टोफू, बीन्स या चिकन। इससे पेट ज्यादा देर भरा रहेगा।

फ्लेवर पैकेट कम इस्तेमाल करें। ये नमक का मुख्य स्रोत है। आधा पैकेट यूज करें या लो-सोडियम स्टॉक, लहसुन, अदरक, हर्ब्स या मिर्च मिलाएं। होलग्रेन नूडल्स ट्राई करें- कुछ ब्रांड्स में बकवीट, ब्राउन राइस या मिलेट से बने होते हैं, जो फाइबर ज्यादा देते हैं।

इसके बजाय क्या खा सकते हैं?

इंस्टेंट नूडल्स की जगह घर की रोटी-सब्जी, दाल-चावल या सलाद ट्राई करें। अगर स्नैक चाहिए तो भुना चना, मखाना या फल। होममेड नूडल्स बनाएं जहां तेल कम हो और सब्जियां ज्यादा। याद रखें, वैरायटी से पोषण मिलता है। फल, सब्जियां, दालें और मोटे अनाज से शरीर मजबूत रहता है।

रोज इंस्टेंट नूडल्स खाना आसान लगता है लेकिन लंबे समय में ये महंगा पड़ता है। डॉक्टर के पास जाना पड़ता है, लंबा बिल बनता है। छोटे बदलावों से सेहत सुधारें। अगर आप स्टूडेंट हैं या व्यस्त हैं, तो प्लानिंग करें। हेल्दी खाना हमें स्वस्थ रखता है और खुशी भी देता है।

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