शराब की लत को कहें हमेशा के लिए अलविदा! आजमाएं आयुर्वेदिक डॉक्टर का वायरल नुस्खा, पत्नी-बच्चे हो जाएंगे खुश

शराब एक ऐसी आदत है, जो धीरे-धीरे लत में बदल जाती है. शुरुआत में लोग इसे सिर्फ मौज-मस्ती के लिए पीते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह शरीर और मन दोनों पर पकड़ बना लेती है. कई लोग चाहते हैं कि वे शराब से दूरी बना लें, लेकिन लाख कोशिश करने के बावजूद ऐसा कर नहीं पाते. वजह है बार-बार शराब की तलब लगना, जो इच्छाशक्ति को कमजोर कर देती है. आयुर्वेद में इस समस्या का एक सरल उपाय बताया गया है. इसमें कुछ खास जड़ी-बूटियों का उल्लेख है, जिनसे शरीर को ताकत मिलती है और शराब के प्रति अरुचि पैदा होती है.

शराब क्यों छोड़ना मुश्किल होता है?
डॉक्टर अनिल पटेल अनुसार, शराब का ज्यादा सेवन शरीर के वात, पित्त और कफ को असंतुलित कर देता है. इसके अलावा, शरीर की ओजस यानी जीवन ऊर्जा भी कमजोर पड़ने लगती है. लगातार शराब पीने से पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है और शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं. यही कारण है कि बार-बार इसकी तलब लगती है और मन उसे छोड़ने की अनुमति नहीं देता. इस लत से छुटकारा पाने के लिए केवल इच्छाशक्ति ही नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों को संतुलन में लाना जरूरी होता है.

हर्बल चूर्ण से मिलेगा सहारा
डॉक्टर अनिल पटेल कहते है आयुर्वेद के अनुसार, तीन खास जड़ी-बूटियों से बना चूर्ण शराब छोड़ने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है. इस चूर्ण का असर शरीर को भीतर से मजबूत बनाने और नर्वस सिस्टम को संतुलित करने पर होता है. नियमित सेवन से शराब का स्वाद अरुचिकर लगने लगता है और मन उसकी ओर खिंचता नहीं.

कौन-कौन सी चीजें चाहिए होंगी?
1. विदारीकंद – यह नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर की थकान दूर करता है.

2. आंवला – यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है. साथ ही पाचन को दुरुस्त करता है.

3. अश्वगंधा – यह तनाव और बेचैनी को कम करता है. शराब छोड़ने के समय सबसे ज्यादा समस्या चिंता और घबराहट की होती है, जिसे अश्वगंधा शांत कर सकती है.

कैसे बनाएं चूर्ण?
इन तीनों चीजों को बराबर मात्रा में लेकर सुखा लें और बारीक पीसकर चूर्ण तैयार कर लें.

सेवन करने का तरीका
सुबह खाली पेट आधा चम्मच चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें.
शाम को भी इसी तरह इसका सेवन करें.
अगर शराब की तलब लगे, तब भी इसका सेवन किया जा सकता है.
नियमित सेवन से धीरे-धीरे शरीर शराब को स्वीकार करना बंद कर देता है और मन भी उसकी ओर आकर्षित नहीं होता.

केवल चूर्ण ही काफी नहीं
आयुर्वेद का मानना है कि शराब जैसी लत से छुटकारा पाने के लिए केवल औषधियां ही नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवनशैली सुधारना भी जरूरी है. इसमें पंचकर्म (डिटॉक्स), सात्विक आहार, योग और ध्यान की भी अहम भूमिका होती है. इन सबके मेल से शरीर और मन दोनों को मजबूती मिलती है.

धीरे-धीरे होगा असर
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह कोई जादुई उपाय नहीं है. चूर्ण का असर धीरे-धीरे दिखेगा. शुरुआत में शायद फर्क कम दिखे, लेकिन नियमित सेवन और अनुशासित जीवनशैली के साथ धीरे-धीरे शराब की लत से दूरी बनाई जा सकती है.

शराब छोड़ना आसान नहीं है, लेकिन असंभव भी नहीं. विदारीकंद, आंवला और अश्वगंधा से बना हर्बल चूर्ण शरीर को ताकत देता है, नर्वस सिस्टम को मजबूत करता है और शराब के प्रति अरुचि पैदा करता है. अगर इसे सही तरीके से सात्विक आहार, योग और अनुशासन के साथ अपनाया जाए, तो शराब की लत पर काबू पाया जा सकता है.

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