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Casting Jewellery Design Course: महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ये कोर्स उनकी बड़ी मदद कर सकता है. कम दिनों में ट्रेनिंग के बाद आप घर पर खाली नहीं बैठेंगी.
Free Course For Women: अगर आप महिला हैं और खुद का बिजनेस शुरू करना चाहती हैं तो आपके लिए सुनहरा अवसर है. छतरपुर जिले के नौगांव में स्थित एसबीआई आरसेटी में कास्टिंग ज्वेलरी का कोर्स शुरू होने जा रहा है. एसबीआई आरसेटी नौगांव में पदस्थ रामराजा कुशवाहा बताते हैं कि महिलाओं के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान नौगांव में साल भर जॉब ओरिएंटेड कोर्स संचालित होते हैं. ये ऐसे कोर्स होते हैं जो 15 से 30 दिन के होते हैं. इन कोर्स को करने के बाद कोई भी महिला फुर्सत नहीं बैठ सकती है.
प्रैक्टिल क्लासेस पर फोकस
ट्रेनिंग में कोर्स को थ्योरी क्लास के साथ ही प्रैक्टिल पर ज्यादा फोकस किया जाता है. क्योंकि ये कोर्स ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं. वर्तमान में महिलाओं के लिए टेलरिंग का कोर्स संचालित है और कास्टिंग डिजाइन का शुरू होने वाला है.
आवेदन के लिए ये पात्रता
रामराजा कुशवाहा बताते हैं, कास्टिंग डिजाइन का कोर्स 25 अगस्त से शुरू कर दिया गया है. अभी सीधे आरसेटी पहुंचकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स ले जाकर कोर्स ट्रेनिंग में शामिल हो सकते हैं. इस कोर्स में 35 सीटों के लिए प्रवेश होता है. हालांकि, इस कोर्स में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को ही प्रवेश दिया जाता है. इसके साथ ही महिला आवेदक की उम्र 18 से 45 साल होनी चाहिए.
रामराजा कुशवाहा बताते हैं, कास्टिंग डिजाइन का कोर्स 25 अगस्त से शुरू कर दिया गया है. अभी सीधे आरसेटी पहुंचकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स ले जाकर कोर्स ट्रेनिंग में शामिल हो सकते हैं. इस कोर्स में 35 सीटों के लिए प्रवेश होता है. हालांकि, इस कोर्स में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को ही प्रवेश दिया जाता है. इसके साथ ही महिला आवेदक की उम्र 18 से 45 साल होनी चाहिए.
जरूरी डॉक्यूमेंट्स
रामराजा बताते हैं कि सबसे पहले महिला ग्रामीण क्षेत्र से होनी चाहिए. बीपीएल का राशन कार्ड, पीडीएस पर्ची, बैंक पासबुक, 5वीं या 8वीं मार्कशीट और पासपोर्ट फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज लगते हैं.
ट्रेनिंग के दौरान प्रोडक्ट बनाना सीखते
रामराजा बताते हैं कि कास्टिंग ज्वेलरी की ट्रेनिंग के दौरान कंगन, चूड़ी, चैन, मंगलसूत्र, झुमका और झुमकी जैसी तमाम तरह की चीजें बनाकर सिखाई जाती हैं. 15 दिन की ट्रेनिंग में ही कास्टिंग ज्वेलरी के आयटम बनाना सीख जाती हैं.
रामराजा बताते हैं कि कास्टिंग ज्वेलरी की ट्रेनिंग के दौरान कंगन, चूड़ी, चैन, मंगलसूत्र, झुमका और झुमकी जैसी तमाम तरह की चीजें बनाकर सिखाई जाती हैं. 15 दिन की ट्रेनिंग में ही कास्टिंग ज्वेलरी के आयटम बनाना सीख जाती हैं.
खुद का रोजगार करें
रामराजा बताते हैं कि इस कोर्स को करने के बाद ये महिलाएं घर में फुर्सत से नहीं बैठ सकतीं. क्योंकि, अपने गांव या छोटे से कस्बे में भी अपनी खुद की दुकान खोल सकती हैं.
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