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आज की तेज़ जीवनशैली में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे समय में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग बढ़ गया है. इनमें से एक बेहद फायदेमंद पौधा है तुलसी, जिसे धार्मिक महत्व के साथ-…और पढ़ें
बाराबंकी: आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. ऐसे में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सहारा लेना बढ़ गया है. इन्हीं में से एक है तुलसी का पौधा, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर है. भारतीय संस्कृति और पौराणिक ग्रंथों में तुलसी को विशेष स्थान प्राप्त है. इसके हर हिस्से- पत्तियां, तना और बीज में औषधीय गुण मौजूद हैं और ये कई बीमारियों में लाभकारी माने जाते हैं.
जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) के अनुसार, तुलसी का उपयोग खांसी, जुकाम, सांस की समस्या, सिर दर्द, माइग्रेन, सर्वाइकल, स्किन प्रॉब्लम और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, खांसी-जुकाम वाले लोग तुलसी की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. स्किन संबंधी समस्याओं में पत्तियों का लेप लगाने से लाभ होता है. सिर दर्द या माइग्रेन में तुलसी का काढ़ा सुबह और शाम लेने से राहत मिलती है.
इसके अलावा, महिलाओं में हार्मोन संबंधी समस्याओं जैसे थायराइड या पीरियड्स की असामान्यता में तुलसी के बीज का तेल नाभि पर लगाने से फायदा मिलता है. गैस, लिवर, मुंह के छाले या अल्सर जैसी समस्याओं में तुलसी का रस सेवन करने की सलाह दी जाती है. हालांकि, प्रेग्नेंट महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और कैंसर या लिवर की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग तुलसी का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें.
नोट: इस खबर में दी गई दवा और स्वास्थ्य लाभ की जानकारी विशेषज्ञों से चर्चा पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं। प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग होती हैं, इसलिए प्रयोग से पहले डॉक्टरी परामर्श अनिवार्य है.
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