काले तिल में क्या होता है खास?
काला तिल असल में निजेला सटाइवा पौधे से मिलने वाला एक हर्बल मसाले जैसा बीज है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन और जिंक होता है. साथ ही इसमें लिनोलिक एसिड, ओलिक एसिड और कई तरह के हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं. काले तिल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसे हेल्थ के लिए और भी खास बना देते हैं.
1. नमकीन कचौरी, नान, मफिन्स और केक पर काले तिल छिड़ककर गार्निश किया जाता है.
2. पंचफोरन मसाले में भी इसका अच्छा इस्तेमाल होता है.
3. आयुर्वेदिक नुस्खों में सिरदर्द, दांत दर्द, आर्थराइटिस, अस्थमा और आंखों के संक्रमण में इसका उपयोग किया जाता है.
4. तिल का तेल त्वचा और बालों की देखभाल के लिए भी बेहतरीन माना जाता है.
1. सर्दी-खांसी और अस्थमा में राहत
काला तिल म्यूकस कम करके गले की खराश, खांसी और अस्थमा जैसी समस्याओं को कम करता है. साइनस में भी यह काफी राहत देता है.
डायबिटीज के मरीजों के लिए काला तिल फायदेमंद है, क्योंकि यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है.
3. हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा
इसमें मौजूद हेल्दी फैटी एसिड दिल की धमनियों को स्वस्थ रखते हैं और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करते हैं.
शोध में पाया गया है कि काले तिल का सेवन स्पर्म काउंट बढ़ाने में मदद करता है.
5. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद
एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों की वजह से यह बालों का झड़ना कम करता है और बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकता है. त्वचा की एलर्जी, एक्जिमा और सोरिएसिस में भी काले तिल का तेल काफी लाभकारी है.
6. पाचन में सुधार
काले तिल का सेवन फंक्शनल डिस्पेप्सिया, गैस्ट्रिक अल्सर और कोलाइटिस जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है.
एक दिन में 1 से 2 चम्मच काले तिल को सलाद, दलिया, स्मूदी या किसी स्नैक के साथ लेना फायदेमंद होता है. ज्यादा मात्रा में लेने से कुछ लोगों को पाचन से जुड़ी परेशानी हो सकती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही खाएं.
1. अगर आपको तिल से एलर्जी है तो इसका सेवन न करें.
2. गर्भवती महिलाओं को इसे खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
3. अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में जलन या दस्त की समस्या हो सकती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)