43 मिनट पहले
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सवाल: मैं 27 साल की हूं और गुड़गांव में एक सीए फर्म में काम करती हूं। करीब 1 साल पहले एक कॉमन फ्रेंड के जरिए एक लड़के से मेरी मुलाकात हुई। वो काफी टैलेंटेड था, लेकिन बहुत अकेला और उदास भी। तब मुझे लगता था कि मैं उसका ये दुख, ये उदासी दूर कर सकती हूं। मैं उसकी सेवियर बनना चाहती थी और मैं बनी थी। लेकिन अब एक साल गुजरने के बाद मुझे लगने लगा है कि इस एक साल में कुछ भी नहीं बदला है। मैं उसकी हर वक्त शिकायत करने की आदत से परेशान हो गई हूं। वो हर वक्त, हरेक चीज को लेकर कंपलेन ही करता रहता है। ऑफिस, दोस्त, मौसम, रिश्ते, खाना, खुद की सेहत, कोई फिल्म, हीरो, नेता, सड़क, आसमान, हवा, पानी, हर चीज में कमी निकालता रहता है। महीनों गुजर जाते हैं, उसके मुंह से एक वाक्य पॉजिटिव नहीं निकलता। इसके कारण मैं बहुत टायर्ड सा फील करने लगी हूं। अब मुझे लगता है कि शायद ये इंसान कभी खुश नहीं हो सकता है। क्या मैं इसे साफ-साफ बता दूं कि उसकी ये आदत मुझे भीतर से तोड़ रही है? या मुझे ये मान लेना चाहिए कि ये रिश्ता मेरी मेंटल हेल्थ के लिए ठीक नहीं है और ब्रेकअप कर लेना चाहिए?
एक्सपर्ट: द्युतिमा शर्मा, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, भोपाल
जवाब: सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि आप जो फील कर रही हैं, वो बिल्कुल सही है। आपने अपने बॉयफ्रेंड की मदद करने की कोशिश की, उसका दुख कम करने की कोशिश की और ये बहुत बड़ी बात है। लेकिन अब आप थक गई हैं, परेशान हो गई हैं, और ये फीलिंग भी गलत नहीं है। बहुत से लोग ऐसे रिश्तों में होते हैं जहां एक तरफ से सिर्फ नेगेटिविटी आती है, और दूसरा इंसान उसे ठीक करने में लगा रहता है। लेकिन क्या ये सच में आपकी जिम्मेदारी है? और क्या ये रिश्ता आपको वो खुशी दे रहा है जो आपको चाहिए?
नेगेटिविटी एक रिश्ते को कैसे खा जाती है?
चलिए, इसे एक आसान सी बात से समझते हैं। एक पौधे को बढ़ने के लिए क्या चाहिए? धूप, पानी, अच्छी मिट्टी और थोड़ी सी देखभाल। अब अगर उस पौधे को सिर्फ अंधेरा मिले, पानी न मिले, तो वो मुरझा जाएगा, है ना? रिश्ते भी ऐसे ही होते हैं। उन्हें प्यार, खुशी और सपोर्ट चाहिए ताकि वो मजबूत बनें। लेकिन अगर रिश्ते में हर वक्त शिकायतें हों, सिर्फ नेगेटिव बातें हों, तो वो धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है। आपका रिश्ता अभी शायद इसी दौर से गुजर रहा है।
आपके बॉयफ्रेंड की हर चीज में कमी निकालने की आदत, चाहे वो ऑफिस हो, दोस्त हों या मौसम ये दिखाता है कि उनके अंदर कुछ ऐसा है जो उन्हें अच्छाई नहीं देखने देता है। ये नेगेटिविटी सिर्फ उनकी नहीं रहती, ये आपके ऊपर भी असर डालती है। आप थकान महसूस कर रही हैं और ये नॉर्मल है। इसलिए रिश्ते में साथी का पॉजिटिव होना जरूरी है, जिससे आपकी भी ग्रोथ हो।

शिकायत और सुझाव में फर्क समझिए
एक बात साफ कर लेते हैं- शिकायत करना और सुझाव देना, दोनों अलग चीजें हैं। बहुत छोटी सी बात है। अगर आपका पार्टनर कहे, “खाना शायद थोड़ा नमकीन हो गया है, अगली बार हम कम नमक डालेंगे,” तो ये फीडबैक है। ये ग्रोथ की तरफ ले जाता है। लेकिन अगर वो हर बार कहे, “खाना बेकार है, मौसम खराब है, ऑफिस में सब बुरे हैं,” और कोई सॉल्यूशन न दे तो ये सिर्फ नेगेटिविटी है। आपके केस में ऐसा लगता है कि वो बस शिकायत करते हैं, बिना ये सोचे कि चीजें बेहतर कैसे हो सकती हैं।

सेवियर बनना आपकी जिम्मेदारी नहीं
आपने कहा कि शुरू में आपको लगा कि आप उनकी उदासी दूर कर सकती हैं। ये सोच बहुत अच्छी थी, लेकिन ये भी सच है कि किसी को ठीक करना आपका काम नहीं है। इसे सेवियर सिंड्रोम कहते हैं- जब हम सोचते हैं कि हम किसी का दुख दूर कर सकते सकते हैं, उनकी जिंदगी बदल सकते हैं। खासकर लड़कियों को बचपन से सिखाया जाता है कि दूसरों की केयर करना उनकी ड्यूटी है। लेकिन सच ये है कि कोई इंसान तभी बदल सकता है, जब वो खुद बदलना चाहे। आप अपने बॉयफ्रेंड की मदद कर सकती हैं। उन्हें बता सकती हैं कि उनकी नेगेटिविटी एक प्रॉब्लम है, लेकिन उसे ठीक करना उनका काम है या किसी एक्सपर्ट का, जैसे कि साइकोलॉजिस्ट की सलाह लें।

अब क्या करें?
अब सवाल ये है कि आप क्या करें? ब्रेकअप करें या नहीं, ये फैसला आपका है। लेकिन कुछ बातें सोचने से आपको रास्ता साफ दिखेगा। उनसे खुलकर बात करें। उन्हें साफ-साफ बताएं कि उनकी शिकायतें आपको परेशान कर रही हैं। कहें, मुझे तुमसे प्यार है, लेकिन तुम्हारी हर वक्त की नेगेटिविटी मुझे थका रही है।
क्या तुम इस पर काम कर सकते हो?
अगर वो समझते हैं और बदलने की कोशिश करते हैं, तो शायद रिश्ते को मौका दिया जा सकता है।
बाउंड्री सेट करें: अगर वो बात मानें, तो कहें कि आप हर वक्त शिकायतें नहीं सुन सकतीं। जैसे, “मैं तुम्हारी बात सुनूंगी, लेकिन हर छोटी बात पर कंप्लेन मत करो।” इससे आपकी मेंटल हेल्थ बचेगी।
प्रोफेशनल मदद लें: अगर उनकी नेगेटिविटी बहुत गहरी है, तो उन्हें किसी काउंसलर से मिलने को कहें। आप उनकी साथी हैं, उनकी डॉक्टर नहीं।
खुद को प्राथमिकता दें: अगर वो न बदलें, न आपकी बात सुनें, तो अपनी मेंटल हेल्थ के बारे में सोचें। क्या ये रिश्ता आपको खुशी दे रहा है? या सिर्फ थकान और उदासी देता है? अगर जवाब न में है, तो ब्रेकअप एक रास्ता हो सकता है।

ब्रेकअप करें या न करें?
अगर आपका बॉयफ्रेंड अपनी गलती मानता है और उस पर काम करने को तैयार है, तो आप उन्हें सपोर्ट कर सकती हैं। लेकिन अगर वो न मानें, न बदलें और उनकी नेगेटिविटी आप पर भारी पड़ रही हो, तो ब्रेकअप एक हेल्दी ऑप्शन हो सकता है। ये सुनने में मुश्किल लगता है, लेकिन सच ये है कि आपकी मेंटल हेल्थ बहुत कीमती है। लगातार नेगेटिविटी में रहना आपको अंदर से खोखला कर सकता है, और इसका असर आपके भविष्य पर भी पड़ सकता है।
आप एक हेल्दी रिश्ते की हकदार हैं
आखिर में ये याद रखिए कि आप एक ऐसा रिश्ता डिजर्व करती हैं जो आपको खुशी दे, जो आपको ग्रो करने में मदद करे। एक ऐसा रिश्ता जहां प्यार हो, सम्मान हो, और पॉजिटिविटी हो। अगर आपका ये रिश्ता आपको वो नहीं दे रहा, तो अपने लिए सही फैसला लेने में हिचकिचाएं नहीं। अपनी मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देना कोई गलत बात नहीं है।
अपने हक में लें फैसला
आप जो भी फैसला लेंगी। इस बात का ध्यान रखें कि वह आपके लिए सही हो। ये जरूर याद रखें कि आप अकेली नहीं हैं और आपकी खुशी सबसे जरूरी है। एक ऐसा रिश्ता चुनें जो आपको थकान न दे, बल्कि जिंदगी को हल्का और खूबसूरत बनाए। आपके बारे में खुद आपको ही सोचना होगा, किसी और से ये उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
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