बिहार में चाय-पकौड़ा की इस दुकान पर लगा ताला, रोज हो रहा ₹20000 का नुकसान

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ईरान और इजरायल में जारी संघर्ष के कारण भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी से होटल और रेस्तरां उद्योग संकट में है. इस कारण कई होटल बंद हो रहे हैं, मेन्यू सीमित कर रहे हैं, या खाना पकाने के लिए लकड़ी-कोयले का उपयोग कर रहे हैं. बिहार के गया जिले में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. जिले के दरियापुर मोड़ के समीप स्थित प्रसिद्ध मोदी जी चाय पकौड़ा दुकान पिछले कई दिनों से पकौड़ा बेचना बंद कर दिया है.

बता दें कि यह दुकान चाय पकौड़ा के लिए पूरे जिले भर में प्रसिद्ध है और यहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग चाय पकौड़ा का आनंद लेने आते हैं. चाय पकौड़ा के व्यवसाय से दुकानदार को रोजाना 20 हजार रुपए से अधिक की आमदनी होती है. लेकिन एलपीजी क्राइसिस का असर इस दुकान पर भी पड़ा है और पिछले कई दिनों से यहां पकौड़ा और आलू चाप का कारोबार बंद पड़ा हुआ है.

बाजार में कमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण यहां सिर्फ चाय और लिट्टी चोखा बेचा जा रहा है. लिट्टी चोखा कोयल पर तैयार किया जा रहा है जबकि चाय बनाने के लिए इंडक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है.

दुकानदार बलवीर चंद्रवंशी ने कहा कि गैस की किल्लत के बीच किसी तरह से भाग दौड़ करके कमर्शियल सिलेंडर एक-दो दिन मिला लेकिन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिला है. उनके पास सिलेंडर की व्यवस्था अब भी नहीं है. जिसकी वजह से उन्हें इंडक्शन पर चाय बनानी पड़ रही है.

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इस होटल में पिछले कई सालों से 8 स्टाफ काम कर रहे थे लेकिन अभी सिर्फ तीन ही स्टाफ काम कर रहे हैं. 5 स्टाफ को छुट्टी दे दी गई है. उन्होंने कहा कि सप्ताह में 3-4 कमर्शियल सिलेंडर की खपत होती थी. अभी एक भी सिलेंडर मिलना मुश्किल है. इंडक्शन पर चाय बनाने में समय भी अधिक लगता है.

हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या से निजात मिल सकती है. भारत सरकार भी इसके लिए प्रयासरत है. बता दें कि बलवीर ने साल 2017 में मोदी जी से प्रभावित होकर ही चाय पकौड़ा होटल खोला था. अब पिछले 2 सप्ताह से उनके यहां पकौड़ा नहीं बन रहा है.

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