बुक-रिव्यू- एक दिन की सफलता के पीछे बरसों की मेहनत: रातोंरात कुछ नहीं होता, कैसे चलें कि थकें नहीं, हारें नहीं, निराशा न घेरे

40 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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किताब का नाम: जीवन के अद्भुत रहस्य

(‘लाइफ्स अमेजिंग सीक्रेट्स’ का हिंदी अनुवाद)

लेखक: गौर गोपाल दास

अनुवाद: राजेश्वर वशिष्ठ

प्रकाशक: पेंगुइन

मूल्य: 225 रुपए

हर कोई बेहतर जीवन चाहता है, जहां रिश्तों में मधुरता, काम में संतुलन और भीतर सुकून हो। लेकिन दौड़ती-भागती जिंदगी में यह संतुलन मिलना मुश्किल है। मशहूर लाइफ कोच और संत गौर गोपाल दास की किताब ‘जीवन के अद्भुत रहस्य’ यह संतुलन बनाना सिखाती है।

इस किताब में लेखक आधुनिक जीवन के तनावों से निपटने के लिए सरल उपाय बताते हैं। वह बताते हैं कि कैसे पर्सनल, प्रोफेशनल और सोशल लाइफ को संतुलित रखा जा सकता है।

किताब का मकसद और अहमियत

किताब हमें सिखाती है-

  • जब हम ‘व्यक्तिगत जीवन’, ‘रिश्ते’, ‘काम’ और ‘समाज के प्रति योगदान’ को सही तरीके से मैनेज करते हैं, तभी सच्ची खुशी मिलती है।
  • गौर गोपाल दास बताते हैं कि जिंदगी गाड़ी के पहिये की तरह है। अगर एक हिस्सा भी कमजोर हुआ तो सफर डगमगा सकता है।
  • यह किताब व्यवहारिक सलाह और प्रेरणा देती है, जिसे रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाया जा सकता है।

नीचे दिए ग्राफिक से किताब से मिलने वाले 8 सबक के बारे में जानिए-

किताब चार बड़े विषयों पर आधारित है, जो ‘जीवन के चार पिलर’ हैं। आइए इन्हें समझते हैं।

1. पर्सनल लाइफ: सकारात्मकता और कृतज्ञता

लेखक किताब में बताते हैं-

  • जिंदगी में सब कुछ हमारे बस में नहीं होता, लेकिन जो होता है, उसके लिए कृतज्ञ रहना हमें खुश रखता है।
  • लेखक बताते हैं, “हम चीजों को वैसा नहीं देखते, जैसी वे हैं, बल्कि वैसा देखते हैं, जैसे हम हैं।” यानी हमारी सोच ही जिंदगी को आकार देती है।
  • जीवन में पॉजिटिविटी लाना जरूरी है। इसके लिए हर दिन कम-से-कम तीन चीजों के लिए शुक्रिया अदा करें। साथ ही जो आपके बस में नहीं है, उसे वैसे ही स्वीकार करें।
  • हम अक्सर उस पर ध्यान देते हैं, जो हमारे पास नहीं है। गौर गोपाल दास याद दिलाते हैं कि ‘जो हमारे पास है, वह भी किसी की ख्वाहिश हो सकती है। इसलिए उसके लिए ईश्वर का आभार व्यक्त करें।’

2. रिलेशनशिप: संवेदनशीलता और क्षमा

लेखक बताते हैं-

  • रिश्तों को मजबूत करने के लिए शब्दों और व्यवहार में संवेदनशील होना चाहिए।
  • क्षमा रिश्तों की नींव मजबूत करता है।

लेखक ने रिश्ते मजबूत करने के कुछ आसान तरीके बताए हैं-

3. वर्किंग लाइफ: हेल्दी कॉम्पिटिशन और सेल्फ इम्प्रूवमेंट

वर्किंग लाइफ में सफलता के लिए गौर गोपाल दास सलाह देते हैं-

  • हमें दूसरों से नहीं, खुद से मुकाबला करना चाहिए।
  • लेखक बताते हैं, “अपने आप को हर दिन थोड़ा बेहतर बनाएं।” आत्म-सुधार और मेहनत ही असली तरक्की का रास्ता है।
  • लेखक का मानना है कि करियर में सफलता का मतलब सिर्फ पैसा नहीं होता है।
  • लेखक बताते हैं कि सफल करियर वह है, जिसमें आप न सिर्फ पैसा कमाते हैं, बल्कि उद्देश्य भी पाते हैं।
  • काम को बोझ नहीं, सेवा की तरह देखें। यही सोच बर्नआउट से बचाएगी और संतुष्टि देगी।

4. सामाजिक योगदान: निस्वार्थ सेवा

किताब यह भी सिखाती है-

  • हम केवल अपने लिए नहीं, समाज के लिए भी जीते हैं। सेवा, दान और मदद हमें बाहर से ही नहीं, भीतर से भी समृद्ध करते हैं।
  • लेखक का मानना है कि जिंदगी तभी सार्थक है, जब हम दूसरों के लिए कुछ करें।
  • वह कहते हैं, “आपका जीवन तभी सच्चा है जब आप दूसरों के लिए कुछ करते हैं।”

यह किताब क्यों पढ़नी चाहिए?

‘जीवन के अद्भुत रहस्य’ ऐसी किताब है, जो जिंदगी को आसान और सार्थक बनाने का रास्ता दिखाती है। यह बताती है कि छोटे-छोटे कदमों से जीवन संतुलित किया जा सकता है। अगर आप शांति और मकसद ढूंढ रहे हैं, तो यह किताब आपके लिए है।

किताब के बारे में मेरी राय

  • ‘जीवन के अद्भुत रहस्य’ कोई भारी-भरकम दार्शनिक किताब नहीं है।
  • यह एक दोस्त की तरह बात करती है, जो आपके बगल में बैठकर आपकी चुनौतियां सुनता है और आसान सुझाव देता है।
  • गौर गोपाल दास की भाषा सरल, किस्सों से भरी और बेहद असरदार है।
  • यह किताब खासकर उन लोगों के लिए है, जो ‘अंदर से थक चुके हैं, लेकिन बाहर मुस्कुरा रहे हैं।’
  • किताब सिखाती है कि कैसे जीवन के हर पहिए को बैलेंस कर शांत और सार्थक जीवन जी सकते हैं।

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