मुख्य सचिव बोले- ‘मैं चीफ कम्प्लेंट ऑफिसर बन गया हूं’: वन-राजस्व सीमा विवादों में उलझे अफसर; ACS दीपाली बोलीं- ग्राउंड रियलिटी अलग – Bhopal News


मध्यप्रदेश में वन और राजस्व विभाग के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद को लेकर बुधवार को हुई विभागाध्यक्षों की बैठक में माहौल अचानक गर्म हो गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एसीएस दीपाली रस्तोगी ने बैठक में साफ कहा कि यहां जो चर्चा हो रही है, वह जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है। इस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी सिस्टम की स्थिति को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे इस समय “चीफ कम्प्लेंट ऑफिसर” बन गए हैं, क्योंकि हर तरह की शिकायत और विवाद उनके पास ही पहुंच रहा है। गांवों में आज भी तय नहीं—जमीन वन या राजस्व की
बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस संजय शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के कई गांवों में अब तक यह स्थिति स्पष्ट नहीं है कि कौन सी जमीन वन विभाग की है और कौन सी राजस्व की। इसी वजह से लगातार विवाद की स्थिति बन रही है। वन-राजस्व के स्केल अलग होने से समस्या जटिल दीपाली रस्तोगी ने यह भी कहा कि वन और राजस्व विभाग के अलग-अलग स्केल होने के कारण समस्या और जटिल हो जाती है, जिससे इसका कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ पा रहा। वन विभाग का पक्ष पूर्व प्रमुख सचिव ने रखा, चर्चा गर्माई बैठक के दौरान वन विभाग का पक्ष मौजूदा प्रमुख सचिव के बजाय विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल ने रखा। इस वजह से चर्चा और ज्यादा तीखी हो गई और अधिकारियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए। मुख्य सचिव ने ये दिए निर्देश 15 अप्रैल तक सभी विभाग देंगे 2026-27 का एक्शन प्लान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बैठक में सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सर्वोच्च प्राथमिकताओं को शामिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी कार्ययोजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे पिछले ढाई साल की प्रमुख उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का ब्यौरा एक सप्ताह के भीतर दें। सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी पर सख्ती मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी से जुड़े समय-सीमा से अधिक लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन मामलों की हर सप्ताह समीक्षा की जाए और सैंपल जांच भी की जाए, ताकि संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित हो सके। 1947 से पहले के कानूनों की समीक्षा 31 मई तक बैठक में आजादी से पहले बने कानूनों में संशोधन, निरसन या नए एक्ट लाने की प्रक्रिया की भी समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने 31 मई तक इस काम को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर कैबिनेट की मंजूरी ली जा सके। पेयजल, हैंडपंप और गर्मी को लेकर निर्देश
गर्मी को देखते हुए मुख्य सचिव ने पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए हैंडपंप खनन के लिए एक-दो दिन में एसओपी जारी की जाएगी। जिलों में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की जानकारी भी बैठक में दी गई। आगजनी रोकने और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं को रोकने और बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। गृह विभाग को थाना स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की जानकारी जुटाकर आम लोगों तक पहुंचाने को कहा गया। साथ ही गर्मी से जुड़ी बीमारियों के इलाज और बचाव की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। ऑनलाइन सेवाएं और पोर्टल अपडेट करने के निर्देश
एमपी ई-सेवा पोर्टल की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि अब तक 1055 सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। उन्होंने सभी विभागों को अपनी सेवाएं अपडेट करने और पोर्टल को और आसान बनाने के निर्देश दिए। .

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