स्पेन के क्लब रियल मैड्रिड को अपने घरेलू मैदान पर जर्मनी के दिग्गज बायर्न म्यूनिख के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि यह मुकाबला यूरोप की सबसे बड़ी क्लब प्रतियोगिता यूईएफए चैंपियंस लीग के तहत खेला गया, जहां दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मैच की शुरुआत से ही बायर्न ने दबाव बनाना शुरू कर दिया था और रियल मैड्रिड की टीम रक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए जवाबी हमलों पर निर्भर नजर आई। शुरुआती मौके में हैरी केन के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो सका।
गौरतलब है कि पहले हाफ के अंत से ठीक पहले बायर्न को बढ़त मिल गई, जब सर्ज ग्नाब्री के पास से निकले पास पर लुइस डियाज ने आसान गोल कर दिया। इसके बाद दूसरे हाफ की शुरुआत में ही माइकल ओलिसे के शानदार खेल के बाद हैरी केन ने लंबी दूरी से गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी।
हालांकि, रियल मैड्रिड ने इसके बाद वापसी की कोशिश की और किलियन एम्बाप्पे ने टीम के लिए एक गोल किया, जिसमें ट्रेंट अलेक्जेंडर अर्नोल्ड का अहम योगदान रहा। इसके बावजूद टीम बराबरी हासिल नहीं कर सकी और मैच 2-1 के स्कोर के साथ समाप्त हुआ।
अगर खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बात करें तो विनिसियस जूनियर ने गति और आक्रामकता दिखाई, लेकिन गोल के सामने सटीकता की कमी नजर आई। वहीं अल्वारो कारेरास का प्रदर्शन कमजोर रहा, जहां वह विपक्षी हमलों को रोकने में नाकाम रहे।
मिडफील्ड में फेडेरिको वाल्वरडे और ऑरेलियन त्चौमेनी अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके, जबकि सब्स्टीट्यूट के तौर पर आए जूड बेलिंगहैम ने कुछ हद तक टीम को मजबूती देने की कोशिश की।
बता दें कि कोच अल्वारो अर्बेलोआ के कुछ चयन फैसले भी सवालों के घेरे में रहे, खासकर युवा खिलाड़ियों को शुरुआत में मौका देना टीम के लिए भारी पड़ा।
गौरतलब है कि इस हार के बावजूद मुकाबला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अगले चरण में रियल मैड्रिड के पास वापसी का मौका रहेगा, लेकिन इसके लिए टीम को अपने खेल में काफी सुधार करना होगा और मजबूत प्रदर्शन दिखाना जरूरी होगा।
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