Success Story: पहले अक्सर कहा जाता था- अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता! लेकिन अब वो समय नहीं रहा. यह कहानी एक ऐसे आदमी के बारे में है, जो अपने घर के लिविंग रूम में बैठकर ऐसी कंपनी चला रहा है जो हर दिन 25 करोड़ रुपये कमाती है. न कोई बड़ा ऑफिस है, न सैकड़ों मैनेजर और न ही हजारों कर्मचारी हैं. यह कहानी इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में दुनिया क्या करवट लेने वाली है. हम बात कर रहे हैं मैथ्यू गैलाघेर (Matthew Gallagher) की, जिन्हें आज दुनिया 1.8 बिलियन डॉलर मैन के नाम से जान रही है. हो सकता है कि आपने उनके बारे में अभी तक न जाना हो, लेकिन आज जान जाएंगे.
शुरुआत 2024 में तब हुई, जब दुनिया की सबसे मशहूर AI कंपनी ओपन एआई (OpenAI) के चीफ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) ने एक पॉडकास्ट किया. ऑल्टमैन ने बताया कि सिलिकॉन वैली के बड़े-बड़े दिग्गजों के बीच एक शर्त लगी है कि ऐसा कौन सा साल आएगा, जब दुनिया की पहली ‘वन-पर्सन बिलियन डॉलर कंपनी’ सामने आएगी. मतलब ऐसी कंपनी जिसका मालिक एक हो, लेकिन वैल्यूएशन 8,000 करोड़ से ज्यादा हो. ऑल्टमैन का मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बिना यह मुमकिन नहीं था, लेकिन अब संभव है क्योंकि AI मैदान में उतर चुका है.
जहां दुनिया इसे सिर्फ कोरी कल्पना समझ रही थी, वहीं लॉस एंजिल्स के 41 साल के मैथ्यू गैलाघेर इसे हकीकत में बदलने की योजना बना रहे थे. मैथ्यू बिजनेस में नए नहीं थे. इससे पहले उन्होंने वॉच गैंग (Watch Gang) नाम की एक कंपनी बनाई थी, जहां 60 कर्मचारी काम करते थे. उस बिजनेस में उन्हें बहुत टेंशन मिली. खर्चे बहुत ज्यादा थे और मुनाफा कुछ भी नहीं था. उस कड़वे अनुभव ने उन्हें सिखाया कि ज्यादा लोग होने का मतलब हमेशा ज्यादा तरक्की नहीं होता. जब 2022 के आखिर में चैट जीपीटी (ChatGPT) आया, तो मैथ्यू ने उसे एक औजार की तरह इस्तेमाल किया, और अब दुनिया उसकी बातें करती है.
बिजनेस का वो आइडिया, जिसने खेल बदल दिया
मैथ्यू ने देखा कि अमेरिका में वजन घटाने वाली दवाओं (GLP-1) का क्रेज बहुत बढ़ गया है. लोग वजन कम करने वाली दवाएं तो चाहते थे, लेकिन डॉक्टर के क्लिनिक के चक्कर काटना और महंगी फीस देना उन्हें पसंद नहीं था. कुछ बड़ी कंपनियां पहले से ही ऑनलाइन दवाएं बेच रही थीं, लेकिन उनके पास हजारों कर्मचारी थे. मैथ्यू ने सोचा कि अगर वह इस पूरे काम को ऑटोमेट कर दें, तो क्या होगा?
उन्होंने केयर वैलिडेट (CareValidate) नाम की एक कंपनी के मालिक जितेन छाबड़ा (Jiten Chhabra) से मुलाकात की. यह कंपनी डॉक्टरों का नेटवर्क और दवाएं भेजने का इंतजाम करती थी. मैथ्यू ने एक स्मार्ट रास्ता खोजा. उन्होंने खुद दवा बनाने या डॉक्टर ढूंढने की सिरदर्दी नहीं ली. उन्होंने इन कामों को बाहरी कंपनियों को आउटसोर्स कर दिया. मैथ्यू का काम सिर्फ ग्राहक लाना और उन्हें एक शानदार अनुभव देना था. सितंबर 2024 में, मैथ्यू ने अपने घर से मेडवी (Medvi) नाम की कंपनी लॉन्च की. उनके पास सिर्फ 20,000 डॉलर (करीब 16 लाख रुपये) की बचत थी और कोई भी कर्मचारी नहीं था.
AI टूल्स की फौज, हजारों लोगों का काम
मैथ्यू ने अपनी कंपनी को चलाने के लिए इंसानों की जगह कई तरह के AI टूल्स का इस्तेमाल किया. उन्होंने कोई सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं रखा, बल्कि ChatGPT, Claude और Grok जैसे टूल्स से वेबसाइट की कोडिंग करवाई. विज्ञापनों के लिए महंगे मॉडल या कैमरामैन बुलाने के बजाय, उन्होंने Midjourney और Runway का इस्तेमाल करके ऐसी तस्वीरें और वीडियो बनाए जो असली लगते थे. ग्राहकों से बात करने के लिए ElevenLabs की AI आवाज़ों का उपयोग किया गया.
उन्होंने खुद ऐसे छोटे-छोटे AI एजेंट्स बनाए, जो अलग-अलग सॉफ्टवेयर्स को आपस में जोड़ते थे. जैसे ही कोई ग्राहक वेबसाइट पर आता, AI उसे दवा के बारे में बताता, डॉक्टर से उसका अपॉइंटमेंट फिक्स करता और दवा की डिलीवरी का मैसेज भी भेज देता. इस पूरे सिस्टम को चलाने का खर्च किसी कर्मचारी की एक महीने की सैलरी से भी कम था. जब मेडवी ने काम शुरू किया, तो पहले महीने में 300 ग्राहक आए. लेकिन अगले ही महीने यह संख्या 1,300 पार कर गई. मैथ्यू की रफ्तार देखकर उनकी पार्टनर कंपनियां भी दंग रह गईं.
चुनौतियों का पहाड़ और भाई की एंट्री
किसी भी बड़े सफर में मुश्किलें तो आती ही हैं. मेडवी की ग्रोथ इतनी तेज़ थी कि कभी-कभी सिस्टम लड़खड़ा जाता था. मैथ्यू का बनाया हुआ चैटबॉट कभी-कभी बहक जाता था और ग्राहकों को दवाओं की गलत कीमतें बता देता था. एक बार तो ऐसा हुआ कि AI ने ग्राहकों से कह दिया कि कंपनी बालों के झड़ने की दवा भी बेचती है, जबकि उस वक्त कंपनी सिर्फ वजन घटाने की दवा बेच रही थी. मैथ्यू को खुद अपनी जेब से पैसे भरकर ग्राहकों की शिकायतों को दूर करना पड़ा.
मार्च 2025 में एक बड़ी घटना हुई. मैथ्यू ने वेबसाइट में एक छोटा-सा बदलाव किया और पहाड़ों पर घूमने चले गए. फिर उन्हें पता चला कि पिछले एक घंटे से एक भी ऑर्डर नहीं आया है. मैथ्यू समझ गए कि उन्होंने कुछ गड़बड़ कर दी है. वह भागते हुए घर लौटे और उसे ठीक किया. उस एक घंटे में उन्होंने 200 से ज्यादा ग्राहक खो दिए थे. इस घटना ने उन्हें एहसास कराया कि अकेले सब कुछ करना मुमकिन है, लेकिन कभी-कभी और हाथों और दिमाग की भी जरूरत पड़ती है. अप्रैल 2025 में उन्होंने अपनी कंपनी के पहले और इकलौते कर्मचारी के रूप में अपने भाई इलियट (Elliot) को रखा. इलियट का काम था फालतू के फोन कॉल्स और ईमेल को रोकना, ताकि मैथ्यू अपना ध्यान बड़े फैसलों पर लगा सकें.
आंकड़ों ने पूरी इंडस्ट्री को हिला दिया
2025 के खत्म होते-होते मेडवी के पास 2.5 लाख ग्राहक थे और कंपनी की सालाना बिक्री 401 मिलियन डॉलर (करीब 3,300 करोड़ रुपये) तक पहुंच गई थी. सबसे हैरान करने वाली बात कंपनी का मुनाफा था. मेडवी का शुद्ध मुनाफा 16.2% था, जो करीब 540 करोड़ रुपये बैठता है. इसकी तुलना अगर मार्केट की दिग्गज कंपनी हिम्स एंड हर्स (Hims & Hers) से करें, तो वह कंपनी 2,400 से ज्यादा कर्मचारियों के साथ सिर्फ 5.5% मुनाफा कमा पा रही थी. मैथ्यू और उनके भाई मिलकर हर दिन 3 मिलियन डॉलर यानी 25 करोड़ रुपये का बिजनेस कर रहे थे.
मैथ्यू ने अपनी इस सफलता का इस्तेमाल समाज की भलाई के लिए भी करना शुरू किया. उन्होंने 1 मिलियन डॉलर के साथ गैलाघेर फाउंडेशन (Gallagher Foundation) की शुरुआत की, जो लावारिस बिल्लियों और बेघर युवाओं की मदद करता है. मैथ्यू कहते हैं, “जिंदगी में पहली बार मैं सिर्फ जिंदा रहने की जद्दोजहद नहीं कर रहा हूं, बल्कि दूसरों की मदद करने की स्थिति में हूं.”
विवाद और फ्यूचर प्लानिंग
जहां इतनी बड़ी कामयाबी होती है, वहां सवाल भी उठते हैं. 2026 में न्यूयॉर्क टाइम्स (New York Times) ने जब मैथ्यू पर एक बड़ी रिपोर्ट छापी, तो कुछ विवाद भी सामने आए. उन पर आरोप लगा कि उनके विज्ञापनों में इस्तेमाल की गई फोटो असली नहीं थीं, बल्कि AI से बनी थीं. कुछ संगठनों ने उन पर भ्रामक विज्ञापनों का आरोप लगाते हुए कानूनी जांच की मांग की है. साथ ही, दवा की क्वालिटी और डिलीवरी को लेकर भी कुछ बड़े मुकदमे दर्ज किए गए हैं.
लेकिन मैथ्यू रुकने वालों में से नहीं हैं. उन्होंने अब मर्दों की सेहत, बालों के झड़ने की दवाओं और स्किन केयर प्रोडक्ट्स में भी हाथ आजमाया है. फरवरी 2026 में शुरू किया गया उनका नया बिजनेस सिर्फ एक महीने में 50,000 ग्राहक जोड़ चुका है. आज मेडवी की वेबसाइट पर 5 लाख से ज्यादा मरीजों का भरोसा होने का दावा किया गया है. सैम ऑल्टमैन ने भी मैथ्यू की कहानी सुनने के बाद उनसे मिलने की इच्छा जताई है.
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