ग्लोबल स्टोर तक भारतीय लग्जरी फैशन की धमक: इनका 22% बिजनेस विदेशी बाजारों से; न्यूयॉर्क से दुबई तक खुले स्टोर, हॉलीवुड मुरीद


कभी ऑयलफील्ड के उपकरणों की दुनिया से निकले तरुण ताहिलियानी आज दुबई के पॉश जुमेरा इलाके में दो मंजिला लग्जरी स्टोर सजा रहे हैं। यह महज एक शख्स की कहानी नहीं, बल्कि पूरे भारतीय फैशन इंडस्ट्री के वैश्विक महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। रिलायंस, आदित्य बिड़ला फैशन जैसे कॉरपोरेट निवेशकों की बदौलत सब्यसाची, मनीष मल्होत्रा, अनिता डोंगरे जैसे भारतीय ब्रांड्स न्यूयॉर्क, दुबई जैसे शहरों में मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। भारतीय क्राफ्ट, हैंडवर्क इन ब्रांड्स को पहचान दिला रहे हैं। दिलचस्प मार्केटिंग, अलग स्टाइल और तासीर की बदौलत ये ब्रांड्स पूरी दुनिया में जगह बना रहे हैं। इसके चलते भारतीय फैशन इंडस्ट्री की 22 प्रतिशत आय विदेशी बाजारो से होने लगी है। भारतीय फैशन हॉलीवुड, पेरिस के सबसे बड़े मंचों तक पहुंचा अंतरराष्ट्रीय पहचान – भारतीय डिजाइन्स को वैल्यू मिल रही है। भारतीय कारीगरी को ग्लोबल लेवल पर एक ‘ब्रांड’ माना जाता है। हॉलीवुड स्टार्स की पसंद- गौरव गुप्ता जैसे भारतीय डिजाइनरों के कपड़े अब ‘कार्डी बी’ और ‘मेगन दी स्टैलियन’ जैसे बड़े ग्लोबल सुपरस्टार्स पहन रहे हैं। यह ट्रेंड बढ़ रहा है। रेड कार्पेट तक- मशहूर एक्ट्रेस जेंडाया ने राहुल मिश्रा के डिजाइन किए कपड़े पहने, वहीं पॉप स्टार बियॉन्से ने अपने शो के लिए गौरव गुप्ता के आउटफिट्स चुने। विदेशी ब्रांड्स पर प्रभाव- प्रादा जैसे बड़े इंटरनेशनल लग्जरी ब्रांड ने भारत की पारंपरिक कोल्हापुरी चप्पलें अपने कलेक्शन में शामिल की है। पेरिस फैशन वीक में धाक – दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित ‘पेरिस हॉट कूटूर वीक’ में अब भारतीय डिजाइनर हर साल नियमित रूप से शो कर रहे हैं।
डिजाइन चोरी गंभीर परेशानी, कस्टम ड्यूटी में खप रही पूंजी – इंटरनेशनल रेंट, स्टाफिंग और कस्टम्स में काफी पूंजी खप रही। हाथ से बने प्रोडक्ट्स के लिए इन्वेंट्री मैनेजमेंट जरूरी है। – यूरोपियन लग्जरी हाउस से सीधी प्रतिस्पर्धा बड़ी चुनौती, करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव और मैक्रोइकोनॉमिक अस्थिरता – राहुल मिश्रा के ‘टाइग्रेस’ डिजाइन की एक टीवी शो में नकल पाई गई। – सूरत, चांदनी चौक, इंस्टाग्राम पेज पर कूटूर लुक दिनों में कॉपी हो जाते हैं। साब्यसाची, मनीष मल्होत्रा, अनीता डोंगरे, सभी को दिल्ली हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर मिले -आईपी कानून मौजूद हैं पर फैशन की रफ्तार से काफी धीमे हैं। .

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