गर्मी मतलब बच्चों के लिए खतरा, एक्सपर्ट ने बताया बीमारियों से बचाव का सीक्रेट

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Satna News: गर्मियों में बच्चों को तैलीय और भारी भोजन देने से बचना चाहिए. इसकी जगह हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन देना ज्यादा लाभकारी होता है. दलिया, मूंग दाल की खिचड़ी, लौकी और तोरई की सब्जी जैसे विकल्प बच्चों के लिए बेहतर माने जाते हैं.

सतना. गर्मी का मौसम जहां बच्चों के लिए छुट्टियों और मस्ती का समय होता है, वहीं यह मौसम कई तरह के वायरल इंफेक्शन और बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और शरीर में पानी की कमी बच्चों की सेहत पर सीधा असर डालती है. ऐसे में अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो बच्चे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं लेकिन सही खानपान, हाइड्रेशन और साफ-सफाई का ध्यान रखकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है. लोकल 18 से बातचीत में सतना के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ अखिलेश खरे ने बताया कि गर्मियों में बच्चों के शरीर से पानी की कमी तेजी से होती है. जहां सर्दियों में शरीर से लगभग दो लीटर पानी निकलता है, वहीं गर्मियों में यह मात्रा 30-40 फीसदी तक बढ़ जाती है और तीन लीटर से ज्यादा पानी शरीर से बाहर निकल सकता है. ऐसे में अगर बच्चों का हाइड्रेशन मेंटेन नहीं किया गया, तो डिहाइड्रेशन के साथ साथ वायरल फीवर और अन्य इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए दिनभर बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना बेहद जरूरी है.

डॉक्टर के अनुसार, सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ भी बच्चों की डाइट में शामिल करना जरूरी है. तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे फल बच्चों के शरीर को हाइड्रेट रखते हैं क्योंकि इनमें 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है. इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का जूस भी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. ये सभी चीजें बच्चों की इम्युनिटी को मजबूत बनाती हैं और गर्मी के असर को कम करती हैं.

हल्का और पचने वाला भोजन सबसे बेहतर विकल्प
गर्मियों में बच्चों को भारी और तैलीय भोजन देने से बचना चाहिए. इसकी जगह हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन देना ज्यादा फायदेमंद होता है. मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, लौकी और तोरई की सब्जी जैसे विकल्प बच्चों के लिए बेहतर माने जाते हैं. इसके साथ ही दही, छाछ और रायता जैसे पेय पदार्थ शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. वहीं इन दिनों भोजन में पुदीना, धनिया और प्याज का इस्तेमाल भी फायदेमंद होता है.

स्वच्छता और मच्छरों से बचाव है जरूरी
डॉ खरे ने यह भी बताया कि गर्मियों और मानसून के दौरान वायरल फीवर तेजी से फैलता है, इसलिए स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. बच्चों को बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले कम से कम साबुन से हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए. साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए घर के आसपास साफ सफाई रखें और जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें. बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उनकी इम्युनिटी मजबूत होना बेहद जरूरी है. इसके लिए मौसमी फल जैसे- आम, जामुन और आड़ू को डाइट में शामिल करें. संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और साफ सफाई मिलकर बच्चों को वायरल इंफेक्शन से दूर रखने में मदद करते हैं.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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