जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बैंक में नकली सोना रखकर गोल्ड लोन वाले दो आरोपी सहित दो ज्वेलर्स के खिलाफ कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरु कर दी है। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपियों ने बड़े ही शातिराना अंदाज से पहले तो नकली सोना रखकर लाखों रुपए का लोन लिया, और फिर नकली को असली वेरीफाई करवाने के लिए दो ज्वलर्स संचालकों को भी साथ में मिला लिया। ईओडब्ल्यू ने 13 लाख 58 हजार रुपए की धोखाधड़ी के मामले में सौरभ चौधरी, अचिन अमलिया, अनिल सोनी और आशुतोष सराफ के खिलाफ धारा 318 (4), 61(2), 336(3), 340(2), के तहत मामला दर्ज किया है। असली बताकर फर्जी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की दरअसल, सौरभ चौधरी निवासी भीम नगर जबलपुर ने जून 2023 में बैंक आफ महाराष्ट्र से तीन एग्रीकल्चर टर्म लोन (गोल्ड लोन) प्राप्त किए थे। पहला लोन 3,73,000 रुपए का था, जिसे उसने समय पर चुकाकर खाता बंद कर दिया था। इसके ठीक दो दिन बाद, 30 जून 2023 को आरोपी ने दो अन्य लोन क्रमशः 4,79,500 रुपए और 8,78,500 रुपये (कुल 13.58 लाख रुपए) लिए। लोन के लिए जो सोने के जेवर गिरवी रखे गए थे, उनका मूल्यांकन सिद्धेश्वरी ज्वेलर्स (आशुतोष सराफ) और सौम्या ज्वेलर्स (अनिल सोनी) द्वारा किया गया था। इन ज्वेलर्स ने जेवरों को असली बताकर फर्जी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की थी। अधिकृत ज्वेलर ने जांच में बताया नकली जांच में 10 फरवरी 2025 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र के क्षेत्रीय निरीक्षण कार्यालय (भोपाल) के वरिष्ठ प्रबंधक धीरज कुमार ने वार्षिक निरीक्षण किया। रैंडम जांच के दौरान जब सौरभ चौधरी के गिरवी रखे जेवरों के पैकेट खोले गए, और बैंक के अधिकृत ज्वेलर से उनकी जांच कराई गई, तो पैकेट में रखे सभी जेवर पूर्णतः नकली पाए गए, जिनका बाजार मूल्य शून्य था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि जिस दिन लोन की राशि (13.58 लाख रुपए) बैंक खाते में आई थी, उसी दिन 4,56,000 रुपए अचिन उरमलिया नामक व्यक्ति के नए खुले खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। ईओडब्ल्यू ने जांच पर आरोपी सौरभ चौधरी, अनिल सोनी प्रोप्राइटर सौम्या ज्वेलर्स दीक्षितपुरा जबलपुर,आशुतोष सराफ प्रोप्राइटर सिद्धेश्चरी ज्वेलर्स, घमापुर जबलपुर एवं अचिन उरमलिया निवासी भीम नगर एवं अन्य के साथ मिली भगत कर बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा जीएस कॉलेज जबलपुर के साथ धोखाधड़ी कर नकली सोने के जेवरों का मूल्यांकन कराकर, उनकी कूटरचित रिपोर्ट तैयार कराकर एवं इन रिपोर्ट का उपयोग कर लोन लेकर 13.58 लाख रुपए की राशि का गबन करना प्रमाणित पाया गया। .