Success Story: कभी नौकरी की मोहताज थी जिंदगी, आज 5 घंटे में कमा लेते उससे ज्यादा!

Last Updated:

Momos Stall Success Story: बालोद के घड़ी चौक पर लगने वाला कृष्णा मोमोस सेंटर आज एक बड़ी सफलता की कहानी बन चुका है. लक्ष्मीनारायण ने 15 हजार की नौकरी छोड़कर खुद का फूड स्टॉल शुरू किया और आज शानदार कमाई कर रहे हैं. यह कहानी बताती है कि कैसे कम निवेश में भी बड़ा बिजनेस खड़ा किया जा सकता है. मोमोस और चायनीज पकौड़े की डिमांड ने उनके स्टॉल को खास बना दिया है. अगर आप भी छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो यह स्टोरी आपके लिए बड़ी प्रेरणा बन सकती है.

Momos Business Success Story: छत्तीसगढ़ के बालोद का घड़ी चौक अब सिर्फ लोगों के आने-जाने की जगह नहीं रहा, बल्कि यहां स्वाद और संघर्ष की एक शानदार कहानी भी बसती है. यहां लगने वाला ‘कृष्णा मोमोस सेंटर’ आज फास्ट फूड प्रेमियों की पहली पसंद बन चुका है. शाम होते ही यहां लोगों की लाइन लग जाती है, और वजह है यहां का लाजवाब स्वाद.

मोमोस और चायनीज पकौड़ा ने बनाया सुपरहिट
इस स्टॉल के मालिक लक्ष्मीनारायण पिछले 6 साल से इसे चला रहे हैं. उनके मेन्यू में चाउमिन, मंचूरियन, फ्रेंच फ्राइज, पनीर मोमोस जैसे कई आइटम हैं, लेकिन असली स्टार है मोमोस और चायनीज पकौड़ा. खासकर चायनीज पकौड़ा ऐसा है कि एक बार खाने वाला बार-बार वापस आता है.

शाम के कुछ घंटों में तगड़ी कमाई
अगर बिक्री की बात करें तो रोजाना करीब:
पनीर मोमोस – 10 प्लेट (₹50 प्रति प्लेट)
वेज मोमोस – 50 प्लेट (₹30 प्रति प्लेट)
चायनीज पकौड़ा – 60+ प्लेट (₹30 प्रति प्लेट)
यानि सिर्फ 4 से 9 बजे के बीच ही उनका स्टॉल अच्छा-खासा मुनाफा कमा लेता है. खर्च निकालने के बाद भी रोजाना 1000 रुपये से ज्यादा बचत हो जाती है.

नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला
लक्ष्मीनारायण बताते हैं कि उन्होंने शुरुआत में एक होटल में काम किया, जहां 4 साल मेहनत करने के बाद भी सिर्फ 15 हजार रुपये मिलते थे. लेकिन मन में कुछ बड़ा करने की चाह थी. आखिरकार उन्होंने रिस्क लिया, नौकरी छोड़ी और खुद का फूड स्टॉल शुरू कर दिया. आज उनके बालोद में दो मोमोस सेंटर चल रहे हैं और वे अपनी पुरानी नौकरी से दोगुनी से भी ज्यादा कमा रहे हैं. सबसे बड़ी बात अब उन्हें अपने काम में आजादी और सुकून दोनों मिलती है. लक्ष्मीनारायण की कहानी साफ बताती है कि अगर मेहनत और हिम्मत हो, तो छोटा काम भी बड़ा मुकाम दिला सकता है. नौकरी ही सब कुछ नहीं होती अपना काम शुरू करके भी शानदार जिंदगी बनाई जा सकती है.

About the Author

Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *