सतना के मझगवां क्षेत्र में सोमवार सुबह बच्ची की मौत हो गई। स्वजन कुपोषण को वजह बता रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य अमला बच्ची के स्वस्थ होने का दावा किया है। …और पढ़ें
HighLights
- मझगवां में बच्ची की मौत के बाद रिकॉर्ड्स पर सवाल
- 13 की उम्र में शादी और 14 में मां बनी थी महिला
- अस्पताल के रिकॉर्ड और कार्ड में मिला विरोधाभास
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिले के मझगवां क्षेत्र में सोमवार सुबह बच्ची की मौत हो गई। स्वजन कुपोषण को वजह बता रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य अमला बच्ची के स्वस्थ होने का दावा किया है। एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर का कहना है कि मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। जांच करा रहे हैं, रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बच्ची के मां की शादी 13 साल में हो गई थी। 14 साल में पहली संतान हुई। दूसरी संतान की मौत गर्भ में हो गई थी।
अस्पताल रिकॉर्ड और टीकाकरण कार्ड के आंकड़ों में विरोधाभास
जानकारी के अनुसार, भारती (एक वर्ष) पुत्री राजललन 15 अप्रैल 2025 को जन्मी थी। अस्पताल के रिकार्ड में जन्म के समय उसका वजन 2.200 ग्राम था, जो गंभीर कुपोषित की श्रेणी में आता है। वहीं टीकाकरण कार्ड में जन्म के तीन माह में बच्ची का वजन 3.20 किलो, छह माह में 5.300 किलो और नौ माह में 7.100 किलो दर्ज है। 7.500 से कम वजन अल्प कुपोषण में आता है।
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स्वजनों ने बताया सूखा रोग का हाल
मौके पर पहुंचा अमला मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, सिविल सर्जन डाक्टर मनोज शुक्ला, मझगवां बीएमओ डाक्टर रूपेश सोनी सोमवार को मृत बच्ची के घर पहुंचे। स्वजन ने उन्हें बताया कि बच्ची लंबे समय से बीमार थी, उसे सूखा रोग (कुपोषण) था। कुछ दिनों से ज्यादा बुखार आ रहा था। झोलाछाप से दवा ली थी। पिता पन्ना में ट्रैक्टर चलाता है और मां खेतों में मजदूरी करती थी, वह बच्ची को साथ ले जाती थी।
दस्तावेज देखे हैं। वजन ठीक समझ में आया। मां ने रात में बच्ची को दूध पिलाया था। हो सकता है पीठ न थपथपाने के कारण कुछ समस्या हुई हो। – डॉ. मनोज शुक्ला, सिविल सर्जन
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