निर्यात का यह सिलसिला कुछ छोटे-मोटे उतार-चढ़ावों के बावजूद लगातार ऊपर की ओर बढ़ता हुआ दिख रहा है. रक्षा निर्यात पहली बार 2018-19 में 10,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा था. इसके बाद कोरोना महामारी के दौरान इसमें थोड़ी गिरावट आई थी. फिर 2021-22 से इसमें तेजी से बढ़ोतरी हुई.
सिर्फ 2023-24 से 2025-26 के बीच ही निर्यात 21,083 करोड़ रुपये से बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इससे पता चलता है कि ग्लोबल लेवल पर भारत में बने रक्षा उपकरणों और प्रणालियों की मांग काफी ज्यादा है. सरकार ने 2029 तक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा है.
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