Kailash Pandey Thread Art Success Story: उत्तराखंड के नैनीताल के एक छोटे से गांव से निकले कैलाश पांडे कभी सीमित संसाधनों और कठिन पहाड़ी जिंदगी के बीच रास्ता तलाश रहे थे. आज वही धागों से बनी अनोखी Thread Art के जरिए नई पहचान गढ़ रहे हैं. बचपन में दादी-नानी द्वारा पुराने कपड़ों से बनाए गए खिलौनों से शुरू हुई यह कला, सस्ते चीनी खिलौनों के दौर में लगभग खो गई थी. लेकिन कैलाश ने हार नहीं मानी. लोहे की फैक्ट्री तक में काम किया, मगर मन हमेशा कला की ओर लौट आता. 20-25 साल की लगातार मेहनत के बाद उनकी कला आज गांव की ताकत बन चुकी है. उनके साथ 50-60 महिलाएं जुड़कर गार्डन स्टिक, डेकोरेशन और गिफ्ट आइटम तैयार कर रही हैं. दिल्ली के Karigar Bazaar से जुड़ने के बाद उन्हें बड़ा मंच मिला. अब तक 60-70 लाख रुपये की बिक्री हो चुकी है. सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान नहीं, फिर भी कैलाश मानते हैं कि सच्ची कला खुद अपना रास्ता बना लेती है.
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