खंडवा के जनजातीय कार्य विभाग में हुए थोकबंद तबादलों के मामले में एक हॉस्टल अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि, रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर संतोष शुक्ला के लिए उन्होंने बिचौलिये का काम किया। असिस्टेंट कमिश्नर रहते हुए संतोष शुक्ला ने जो ट्रांसफर व पोस्टिंग ऑर्डर निकाले थे, उनके लिए हॉस्टल अधीक्षक, प्राचार्य और टीचरों से लेनदेन का काम किया गया। हॉस्टल अधीक्षक हेमंत सिन्हा के निलंबन का आदेश रविवार को जारी किया गया है। दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद प्रभारी मंत्री ने शुक्ला द्वारा जारी सभी ट्रांसफर और पोस्टिंग आदेश निरस्त करवा दिए हैं। तबादलों के एवज में लेनदेन के आरोपी सिन्हा मामले की जांच प्रभावित न कर सकें, इसलिए प्रभारी असिस्टेंट कमिश्नर बजरंग बहादुर ने यह निलंबन की कार्रवाई की है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए रविवार को निकाला निलंबन आदेश आदेश निरस्त होने के अगले ही दिन रविवार (अवकाश) के बावजूद दफ्तर खोला गया और सबसे पहला आदेश हॉस्टल अधीक्षक हेमंत सिन्हा के निलंबन का जारी किया गया। प्रभारी असिस्टेंट कमिश्नर बजरंग बहादुर ने यह कार्रवाई की है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आरोपी के पद पर रहने से मामले की जांच प्रभावित हो सकती थी, इसलिए जांच को निष्पक्ष रखने के लिए यह सस्पेंशन किया गया है। .