मेकअप टेस्टर यूज करना चाहिए? इंफेक्शन का खतरा, फॉलो करें ब्यूटी हाइजीन के ये गोल्डन रूल्स

Last Updated:

Makeup Testers Cause Infection: कॉस्मेटिक स्टोर पर मेकअप खरीदने से पहले ट्राय करने का ऑप्शन होता है. ज्यादातर लोग इन मेकअप टेस्टर्स को खूब यूज भी करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं, इससे हर्पीज सिंप्लेक्स इंफेक्शन भी हो सकता है. ऐसे में इससे बचाव के लिए ब्यूटी हाइजीन के गोल्डन रूल्स फॉलो करना जरूरी है. जिसमें हाथों पर मेकअप ट्राय करने से लेकर तुरंत सैनिटाइज करने जैसी आदतें शामिल हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

Infection form Makeup:  क्या आप कॉस्मेटिक स्टोर्स से मेकअप की शॉपिंग करते वक्त मेकअप टेस्टर्स का इस्तेमाल करती हैं? यदि हां तो आप वायरस के खतरे में हैं. दरअसल, हम सभी ने कभी न कभी ब्यूटी काउंटर पर अपनी पसंदीदा लिपस्टिक या आईशैडो को स्वैच या स्वाइप किया है. कई सारे लोगों के लिए ये आदत बहुत नॉर्मल और हार्मलेस है. लेकिन कुछ साल पहले एक मामला वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला ने कम्युनल लिपस्टिक टेस्टर से हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस (HSV-1) का संक्रमण होने का दावा किया था. बाद में उस महिला ने कंपनी पर मुकदमा भी किया था.

भले ही इस तरह के इंफेक्शन के मामले कम आते हैं, लेकिन ऐसा होना बिल्कुल भी असंभव नहीं है. अक्सर हम लग्जरी मेकअप के दाम को लेकर चिंता करते हैं, लेकिन असली खतरा एक उम्रभर चलने वाले वायरल संक्रमण का हो सकता है.

क्या मॉल के ब्यूटी स्टोर्स खतरनाक हैं?

मेकअप टेस्टर का खतरा सिर्फ एक अफवाह नहीं है. क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस काफ स्ट्रांग होता है. यह जीवित ऊतकों पर सबसे अच्छा पनपता है, लेकिन यह क्रीमी लिपस्टिक या गीले मस्कारा वैंड जैसी नमी वाली सतहों पर भी काफी देर तक जीवित रह सकता है और नए होस्ट तक पहुंच सकता है. डर्मेटोलॉजिस्ट्स भी चेतावनी देते है कि वायरस और बैक्टीरिया इन प्रोडक्ट्स पर हफ्तों तक जीवित रह सकते हैं. जब कई लोग एक ही टेस्टर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह पैथोजन्स के लिए “पेट्री डिश” बन जाता है.

हर्पीज इंफेक्शन क्या है?

हर्पीज एक तेजी से फैलने वाला संक्रामक वायरस है, जो दो मुख्य रूपों में पाया जाता है. पहला HSV-1 (ओरल हर्पीज) जो आमतौर पर मुंह के आसपास “कोल्ड सोर्स” या बुखार के छाले बनाता है. और दूसरा HSV-2 (जेनिटल हर्पीज) आमतौर पर यौन संपर्क से फैलता है.

टेस्टर आइल में छिपे खतरे
जर्नल ऑफ एप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, इस्तेमाल किए गए 70% से 90% मेकअप प्रोडक्ट्स, जिनमें टेस्टर भी शामिल हैं, ई. कोलाई और स्टैफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया से संक्रमित पाए गए. लोग यह नहीं समझते कि भले ही टेस्टर साफ दिखे, लेकिन उससे पहले इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति बिना लक्षणों के भी वायरस का कैरियर हो सकता है. रिटेल माहौल में जहां सैकड़ों लोग एक ही पैलेट को छूते हैं, वहां क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा लगभग 100% होता है.

कैसे रखें खुद को सुरक्षित

शॉपिंग बंद करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सीधे अपने चेहरे पर टेस्टर लगाने की आदत छोड़ दें.  बचाव के लिए ब्यूटी हाइजीन के ये “गोल्डन रूल्स” फॉलो करना जरूरी है.  जैसे- इसमें टेस्टिंग के लिए अपने हाथों को इस्तेमाल करना.  हमेशा टेस्टर को अपने हाथ के पीछे स्वैच करें और तुरंत उस जगह को सैनिटाइज करें. कभी भी टेस्टर को सीधे होंठ या आंखों पर न लगाएं. अगर स्टोर सिंगल-यूज वैंड या अल्कोहल स्प्रे नहीं देता, तो टेस्टर का इस्तेमाल न करें. अगर टेस्टर का इस्तेमाल जरूरी हो, तो स्टाफ से कहें कि वे साफ स्पैचुला से लिपस्टिक की ऊपरी परत हटा दें. अपना हैंड सैनिटाइजर साथ रखें और मेकअप आइल से निकलते ही हाथ साफ करें.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *