उज्जैन पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इंदौर में संचालित फर्जी ‘ALICE BLUE’ कॉल सेंटर पर दबिश देकर मुख्य संचालक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। यह मामला 25 मार्च 2026 को तब सामने आया, जब उज्जैन निवासी सूरज राठौर ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि अज्ञात लोगों ने उन्हें शेयर मार्केट में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 70 हजार रुपए की ठगी की। इंदौर के युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की शिकायत मिलने के बाद जीवाजीगंज पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल जांच शुरू की। पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजेक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान इंदौर निवासी सौरभ यादव की पहचान हुई, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सौरभ यादव से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने 2 अप्रैल को इंदौर के विजयनगर क्षेत्र स्थित एक मल्टी के तीसरे तल पर संचालित ‘ALICE BLUE’ नामक फर्जी ऑफिस पर छापा मारा। यह एक पूर्ण कॉल सेंटर था, जहां से लोगों को फोन कर निवेश के नाम पर फंसाया जाता था। आरोपियों ने स्वीकार की ठगी की बात पुलिस ने मौके से मुख्य संचालक अरुण लोधी, सहयोगी नीरज आदिवासी, राहुल पाटीदार और नेटवर्क समन्वयक सौरभ यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने ठगी करने की बात स्वीकार की है। दबिश के दौरान पुलिस ने लाखों रुपए के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। इनमें 15 सीपीयू, 19 मॉनिटर, 6 फर्जी सिम कार्ड, 3 डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, राउटर, निवेशकों का डेटा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। .